
जयपुर। गैंगस्टर व उनके गुर्गों के टेरर लिंक को लेकर एनआईए के बाद प्रदेश की एटीएस भी अलर्ट मोड पर आ गई है। जयपुर शहर सहित प्रदेश के सात जिलों में एनआईए की ओर से की गई कार्रवाई का एटीएस ने लेखा-जोखा मांगा है। इसके लिए एटीएस जयपुर के पुलिस अधीक्षक शांतनु कुमार सिंह की ओर से जयपुर और जोधपुर पुलिस आयुक्त के साथ अलवर, चूरू, धोलपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर जिले के पुलिस अधीक्ष को पत्र भेजा गया है। पत्र में एनआईए की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है।
कानून व्यवस्था के लिए तैनात था पुलिस का जाब्ता
प्रदेश में हुई एनआईए की रेड के दौरान राजस्थान पुलिस की ओर से भी जाब्ता उपलब्ध करवाया गया था। लेकिन यहां पर पुलिस की भूमिका कानून व्यवस्था बनाए रखने की ही रही। सूत्रों के अनुसार अपराधियों व उनके परिजनों से हुई पूछताछ में पुलिस सहभागी नहीं रही। लेकिन एटीएस ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से यह जानकारी मांगी है कि पूछताछ में क्या सामने आया। इसके अलावा वहां से क्या बरामद किया गया।
लोरेंस गिरोह से जुड़े अपराधियों पर विशेष नजर
एटीएस की लोरेंस गिरोह से जुड़े अपराधियों पर टेरर लिंक को लेकर विशेष नजर है। संपत नेहरा, गोल्डी बराड़ जैसे अपराधियों व इनसे जुड़े लोगों पर गहरी नजर रखी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि एटीएस ऐसे अपराधियों की नामी-बेनामी संपत्तियों का भी ब्योरा एकत्र करवा रही है।
यह अपराधी रहे एनआईए के निशाने पर
एनआईए की टीम के निशाने पर अलवर जिले का गैंगस्टर विक्रम उर्फ लादेन, जोधपुर में लारेंस के गुर्गे अरविंद और सुरजीत विश्रोई, सादुलशहर में प्रवीण कुमार, नवनीत अग्रवाल, अनूपगढ़ में अजयसिंह, चूरू में गैंगस्टर कपिल पंडित सहित कई अपराधी टेरर फंडिंग को लेकर एनआई एक निशाने पर है। इनके घरों पर मारे गए छापे में एनआईए को मोबाइल, लेपटोप सहित कई दस्तावेज मिले हैं। इसके साथ ही जयपुर शहर सहित श्रीगंगानगर व बीकानेर में भी आधा दर्जन स्थानों पर छापेमार कार्रवाई की गई।
इनका कहना है....
एनआई के छापे के दौरान पुलिस जाब्ता उपलब्ध करवाया गया था। एनआईए की टीम की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है। लोरेंस गिरोह से जुड़े अपराधियों की टेरर फंडिंग को लेकर लगातार नजर रखी जा रही है।
शांतनु कुमार ङ्क्षसह
पुलिस अधीक्षक, एटीएस, जयपुर
Published on:
21 May 2023 12:29 pm
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