
Semiconductor crisis: ऑटो और इलेक्ट्रोनिक्स कंपनियों की दिक्कतें होंगी कम
सीएमआई लिमिटेड ने सेमीकंडक्टर ( Semiconductor ) के सेक्टर में उतरने की घोषणा की है। उसकी इस घोषणा से शेयर में 20 फीसदी का अपर सर्किट लगा। यह 48.30 रुपए पर बंद हुआ। बी ग्रुप में यह सबसे ज्यादा बढऩे वाला स्टॉक था। हालांकि बुधवार को कंपनी का शेयर 4 फीसदी बढ़कर 52 रुपए पर पहुंच गया है। इस आधार पर एक महीने में इसका भाव 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। एक महीने पहले यह शेयर 35 रुपए पर था, जो अब 52 रुपए के पार है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा कि बोर्ड बैठक में सेमीकंडक्टर सेक्टर में उतरने का फैसला लिया गया। कंपनी हिमाचल के बद्दी में अपने प्लांट में सेमीकंडक्टर का निर्माण करेगी। वो किसी मैन्युफैक्चरर्स के साथ गठबंधन कर इस सेक्टर में काम करेगी। कंपनी ने बद्दी प्लांट को अमेरिकी कंपनी जनरल केबल्स से 2016 में खरीदा था। इसका ऑपरेशन सितंबर 2016 से शुरू हुआ।
बता दें कि सेमी कंडक्टर को बूस्ट देने के लिए सरकार ने 76,000 करोड़ रुपए की स्कीम को मंजूरी दी थी। इसके बाद से सेमीकंडक्टर बनाने वाली कई कंपनियां देश में मोटी पूंजी निवेश करने की इच्छुक हैं। दुनिया की प्रमुख कंपनियों ने इसमें काफी रुचि दिखाई है। भारत 20 से ज्यादा सेमीकंडक्टर डिजाइन, कंपोनेंट्स मैन्यूफैक्चरिंग और डिस्प्ले फैब्रिकेशन यूनिट्स अगसे 6 सालों में सेट अप करेगा।
इस समय चिप की कमी से ऑटो और इलेक्ट्रोनिक्स इंडस्ट्री को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके कारण इस सेक्टर में आगे चलकर अच्छी खासी निवेश की संभावना दिख रही है, जिसका फायदा इस सेक्टर की कंपनियों को होगा। सीएमआई का बद्दी प्लांट 80 हजार वर्ग मीटर में फैला है। यह एकमात्र प्लांट भारत में है, जो सिल्वर सर्टिफाइड ग्रीन प्रोजेक्ट के तहत केबल का मैन्युफैक्चरिंग करेगा। सरकार चाहती है कि इंटेल, टीएसएमसी, सैमसंग, ग्लोबल फाउंडरीज और सेमीकंडक्टर टेक्नोलोजी सेक्टर की दूसरी मैन्युफैक्चरर्स, डिजाइन और टेस्टिंग से जुड़ी कंपनियां देश में निवेश करें। सेमीकंडक्टर प्रोत्साहनों को लेकर गाइडलाइंस जनवरी, 2022 की शुरुआत में जारी की जाएगी। कंपनियों को जवाब देने के लिए लगभग 45 से 90 दिन का समय दिया जाएगा।
Published on:
05 Jan 2022 08:15 pm
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