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Basant Panchami: 19 साल बाद बसंती पंचमी और वेलेंटाइन-डे एक साथ, बन रहे शुभ संयोग

locationजयपुरPublished: Jan 31, 2024 06:45:05 pm

Submitted by:

Girraj Sharma

Basant Panchami 2024: माघ शुक्ल पंचमी पर 14 फरवरी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। करीब 19 साल बाद इस बार बसंत पंचमी के दिन ही वेलेंटाइन डे आ रहा है। वहीं इस दिन पंचमी, तिथि, रेवती नक्षत्र के साथ चतुग्रही योग भी बन रहे हैं।

Basant Panchami: 19 साल बाद बसंती पंचमी और वेलेंटाइन-डे एक साथ, बन रहे शुभ संयोग
Basant Panchami: 19 साल बाद बसंती पंचमी और वेलेंटाइन-डे एक साथ, बन रहे शुभ संयोग

जयपुर। माघ शुक्ल पंचमी पर 14 फरवरी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। करीब 19 साल बाद इस बार बसंत पंचमी के दिन ही वेलेंटाइन डे आ रहा है। वहीं इस दिन पंचमी, तिथि, रेवती नक्षत्र के साथ चतुग्रही योग भी बन रहे हैं।

बसंत पंचमी का अबूझ सावा होने से इस दिन विवाह सहित मांगलिक आयोजनों की धूम रहेगी। इस बार बसंत पंचमी पर वेलेंटाइन डे होने से यह दिन खास हो गया है। इस दिन विवाह को लेकर युवा उत्साहित नजर आ रहे है। विवाह आयोजन से जुड़े लोगों की मानें तो बसंत पंचमी पर जिले में एक हजार से अधिक शादियां हो रही है। वहीं बसंत पंचमी पर विद्यालयों में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाएगी।

परंपरा में धर्म, अर्थ व पुरुषार्थ का बड़ा महत्व
ज्योतिषाचार्य डॉ. विनोद शास्त्री ने बताया कि माघ शुक्ल पंचमी से चैत्र शुक्ल चतुर्दशी तक मदन महोत्सव का विधान है। व्रत, पर्व की व्यवस्था भारतीय परंपरा में वर्षों से चली आ रही है। हमारी परंपरा में धर्म, अर्थ, काम व पुरुषार्थ का बड़ा महत्व होता है। करीब 19 साल बाद इस बार बसंत पंचमी के दिन वेलेंटाइन डे भी एक साथ ही मनाया जाएगा। हालांकि वेलेंटाइन डे पर पाश्चात्य संस्कृति का विकृत रूप देखने को मिल रहा है।

चतुष्ग्रही योग का निर्माण
ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि बसंत पंचमी अबूझ मुहूर्त में विद्यारंभ, गृह प्रवेश, विवाह और नई वस्तु की खरीदारी के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। बसंत पंचमी पर बुध, गुरु, शुक्र व शनि चार ग्रह शनि की राशि मकर में चतुष्ग्रही योग का निर्माण कर रहे हैं। मंगल अपनी राशि में विद्यमान रहकर इस दिन के महात्म्य में वृद्धि करेगा।

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सौ साल बाद विशेष योग
ज्योतिषाचार्य डॉ. महेन्द्र मिश्रा ने बताया कि 14 फरवरी को सरस्वती पूजा का पर्व मनाया जाएगा। इसी दिन से बसंत ऋतु की भी शुरुआत होगी। वहीं 100 साल के बाद इस साल सरस्वती पूजा के दिन रेवती नक्षत्र, पंचमी तिथि और बुधवार का संयोग बन रहा है। इस दिन शुक्ल योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग जैसे योग का निर्माण एक साथ होने जा रहा है। सबसे खास यह है कि बसंत पंचमी के दिन शिववास का भी योग है, जो इस दिन को और खास बनाता है। विद्यार्थियों को माता सरस्वती के साथ ही भगवान शिव का भी आशीर्वाद मिलेगा।

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