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जानिए राजस्थान जन आधार कार्ड के बारे में, क्या होंगे इसके लाभ, क्या है इसकी विशेषता

राजस्थान सरकार की पहली वर्षगांठ पर 17 दिसंबर को राजस्थान जन आधार पत्र लांच किया जाएगा, राष्ट्रीय खादय सुरक्षा योजना में चयनित 1.16 करोड़ से ज्यादा परिवारों को नया जन आधार कार्ड दिया जाएगा, पहले चरण में खादय सुरक्षा योजना में चयनित 1 करोड़ परिवारों को मिलेगा निशुल्क कार्ड

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राजस्थान जन आधार कार्ड

राजस्थान जन आधार कार्ड

पुनीत शर्मा / जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) की बजट घोषणा के अनुरूप राजस्थान सरकार ( Rajasthan Government ) की पहली वर्षगांठ पर 17 दिसंबर को राजस्थान जन आधार पत्र लांच किया जाएगा। राष्ट्रीय खादय सुरक्षा योजना में चयनित 1.16 करोड़ से ज्यादा परिवारों को नया जन आधार कार्ड दिया जाएगा। भामाशाह कार्ड ( Bhamashah Card ) की जगह नए जन आधार कार्ड को बनवाने पर 40 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार सरकार उठाएगी।

आयोजना विभाग के सूत्रों के अनुसार वर्षगांठ पर तीन दिन तक होने वाले कार्यक्रमों में प्रभारी मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में दो-दो पंचायत में जन आधार कार्ड का वितरण करेंगे। आयोजना विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान जन आधार कार्ड योजना के तहत प्रदेश के सभी लोगों के कार्ड बनाए जाएंगे।

सूत्रों के अनुसार 1.16 करोड़ परिवारों के लिए नए जन आधार कार्ड बनाने पर 20 करोड़ रुपए से ज्यादा का खर्चा होगा। इसके साथ ही डाटाबेस मैनेजमेंट, नई मशीन व अन्य संसाधनों पर भी 20 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस तरह से सरकार जन आधार कार्ड के पहले चरण में करीब 40 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट खर्च करेगी। भामाशाह योजना के तहत 1.74 करोड़ परिवारों का पंजीयन हो चुके हैं।

पता और पहचान का साक्ष्य
नए जन आधार कार्ड की कई विशेषताएं होंगी। इन जन आधार पत्र में इस बार चिप लगाई गई है जिससे इसका किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं हो सके। साथ ही यह पत्र पता और पहचान के लिए पुख्ता दस्तावेज होगा

ये फायदे होंगे जन आधार कार्ड के

— जन आधार कार्ड के जरिए राज्य के निवासी परिवारों की जन-सांख्यिकीय एवं सामाजिक -आर्थिक सूचनाओं का डाटाबेस तैयार होगा।

— कार्ड से प्रत्येक परिवार को एक नंबर-एक कार्ड, एक पहचान मिलेगी।

— परिवार का 10 और व्यक्तिगत 11 अंकों का होगा यूनिक नंबर।

— जन कल्याण की योजनाओं का लाभ घर के पास ही मिल सकेगा।

— ई-कॉमर्स तथा बीमा सुविधाओं का ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार होगा।

— महिला सशक्तिकरण एवं वित्तीय समावेशन को बढावा मिलेगा। महिलाओं के खाते में व्यक्तिगत हित लाभ की राशि सीधे पहुंच सकेगी।

— योजनाओं में परिवार और परिवार के सदस्यों की पात्रता तय होगी।