
Benefits Of Sun Worship Surya Puja Ke Labh Surya Puja Vidhi Mahatava
जयपुर. ज्योतिष में सूर्यदेव को नवग्रहों का राजा कहा गया है. वेदों के अनुसार वे जगत की आत्मा माने जाते हैं। उन्हें यश-प्रसिद्धि तथा पिता का कारक माना गया है। कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत हो तो मान-सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है। राजकीय या सरकारी कार्याें, नौकरियों के लिए सूर्य की कृपा बहुत जरूरी है। वे स्वयं राजा हैं इसलिए राजनीति या राजकीय कार्याें से संबंधित व्यवसाय के बारे में भी उनका विचार किया जाता है।
कुंडली में बलवान सूर्य सिद्धान्तवादी बनाता है, ऐसे लोग कठोर अनुशासन का पालन करने और करानेवाले होते हैं. ये लोग उच्च अधिकारी, उच्च प्रशासक होते हैं। सूर्य सरकारी नौकरी या उच्च पद का प्रतिनिधित्व करते हैं और शुभ स्थिति में सरकार से अच्छे लाभ की प्राप्ति में सहायक होते हैं। मजबूत सूर्य वाले लोग आदेश देते हैं, वे किसी की अधीनता स्वीकार नहीं करते. ऐसे लोग अपना महत्व एवं मर्यादा समझते हैं। ये लोग अपनी भावनाओं को नियंत्रण में रखते हैं और वृद्धि, उन्नति व विकास या निर्माण करने वाले होते हैं।
सूर्य प्रभुत्व और नेतृत्व की भावना के कारक हैं। यही कारण है कि उच्चाधिकारी, सत्तााधीशों का सूर्य हमेशा बहुत शुभ और मजबूत स्थिति में पाया जाता है। आजीविका में सूर्य लीडरशिप, सरकारी या राज्य से संबंधित सेवा, उच्च प्रशासनिक सेवा, राजनीति, माणिक्य, सोने के आभूषण खरीदना-बेचना, चिकित्सक, मेडिकल मैनेजमेंट, कार्डियोलाजिस्ट, मेडिकल फील्ड, पिता का व्यवसाय, खेती, फाइनेंस, बीमा एजेंट, चिकित्सा या औषधि, ऊन व ऊनी वस्त्र आदि के कारक हैं।
कुण्डली में सूर्य के अशुभ होने या कमजोर होने पर पेट खराब रहता है, आंखों से संबंधित और ह्रदय रोग हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में सरकारी काम कभी भी आसानी से नहीं हो पाते हैं। शारीरिक कमजोरी बनी रहती है। सूर्य को मजबूत बनाना बहुत जरूरी है. इसके लिए रविवार को सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए. सुबह जल्दी उठकर सूर्यदेव को जल अर्पित करना चाहिए। इस दिन आदित्य ह्रदय स्त्रोत का पाठ करना बहुत फलदायी होता है। सूर्य के बीज मंत्र का जाप करने से भी सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और उनका शुभ प्रभाव प्रारंभ हो जाता है।
Updated on:
13 Dec 2020 09:24 am
Published on:
13 Dec 2020 09:17 am

बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
