22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बंगाल टाइगर की बहार, सुंदरवन में 125 पार

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों के तटीय इलाकों में फैले सुंदरवन के मैंग्रोव जंगलों में रॉयल बंगाल टाइगर की बहार है। पिछले 4 साल में बाघों की संख्या में इजाफा हुआ है। सुंदरवन में रॉयल बंगाल टाइगर की संख्या फिलहाल 123 से 125 के बीच होने की संभावना है। 2018 में की गई पिछली गणना के अनुसार बाघ की संख्या 96 थी।

2 min read
Google source verification
Maharashtra Chandrapur Tiger Attack

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों के तटीय इलाकों में फैले सुंदरवन के मैंग्रोव जंगलों में रॉयल बंगाल टाइगर की बहार है। पिछले 4 साल में बाघों की संख्या में इजाफा हुआ है। सुंदरवन में रॉयल बंगाल टाइगर की संख्या फिलहाल 123 से 125 के बीच होने की संभावना है। 2018 में की गई पिछली गणना के अनुसार बाघ की संख्या 96 थी।
इस बीच राज्य सरकार ने बाघों की संख्या बढऩे के मद्देनजर मानव-पशु संघर्ष को रोकने के लिए कदम उठाने का फैसला किया है। सरकार जल्द अधिसूचित कोर क्षेत्र बढ़ाने पर विचार कर रही है। आने वाले दिनों में बाघों के लिए अतिरिक्त अधिसूचित कोर क्षेत्र हो सकते हैं। राज्य वन विभाग इस मामले में पहल कर रहा है।
कैमरा-ट्रैप के फुटेज का विश्लेषण
वन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि हाल में हमने देश में नवीनतम बाघ गणना के लिए वन क्षेत्रों के विभिन्न हिस्सों में लगाए गए कैमरा-ट्रैप के फुटेज देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान को भेजे हैं। वन विभाग ने अपने विशेषज्ञों के जरिए कैमरा-ट्रैप फुटेज के निष्कर्षों का विश्लेषण किया है। इससे पता चलता है कि सुंदरवन में रॉयल बंगाल टाइगर की संख्या बढ़ी है।
इस कारण जरूरी
वन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि हाल में बाघों को उन स्थानों पर देखा गया है जहां उन्हें पहले नहीं देखा गया था। लिहाजा मानव-पशु संघर्ष को रोकने के लिए अधिसूचित कोर क्षेत्रों को बढ़ाने की आवश्यकता है। वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक हाल के निष्कर्षो की पृष्ठभूमि में अतिरिक्त कोर क्षेत्रों को अधिसूचित करना जरूरी हो गया है।
आंकड़े अनुमान के अनुसार होंगे: मंत्री
राज्य के वन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने कहा कि हम भारतीय वन्यजीव संस्थान से जल्द ही अंतिम रिपोर्ट की उम्मीद कर रहे हैं। मुझे यकीन है कि आंकड़े विभाग के अनुमान के अनुसार होंगे। भारत में बाघों की गणना चार साल के अंतराल पर की जाती है।


बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग