
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का हाल, केंद्र से मिला पैसा भी खर्च नहीं कर पाई सरकार
जयपुर। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना में राजस्थान में अच्छा काम हो रहा है। मगर पिछले तीन साल में केंद्र सरकार से इस योजना के मद में जो पैसा मिला वो सरकार खर्च नहीं कर पाई है। राजस्थान विधानसभा में पूछे प्रश्न के जवाब में यह उत्तर दिया गया है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 से 2021 तक 25 करोड़ रुपए के आसपाास इस योजना के मद में पैसा दिया गया है, लेकिन सरकार केवल 12 करोड़ रुपए के आसपास ही खर्च कर पाई है। हालांकि इस समयावधि में राजस्थान में लिंगानुपात के अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। देशभर में प्रति 1000 पुरुषों पर 935 महिलाएं है, लेकिन राजस्थान में मौजूदा आकंड़ा 948 तक पहुंच गया है। खास बात यह है कि लिंगानुपात में झुंझुनूं काफी पीछे था। झुंझुनूं में जहां 2015 में लिंगानुपात 903 था, वह अब बढ़कर 950 हो गया है।
यह थी योजना
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की शुरुआत प्रधान मंत्री ने 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत में की थी। योजना से पूरे जीवन-काल में शिशु लिंगानुपात में कमी को रोकने में मदद मिलती है और महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों का समाधान होता है। यह योजना महिला और बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय तथा मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है।
वर्ष--जिलों के लिए प्राप्त राशि--व्यय राशि
2019-20--8 करोड़ 86 लाख 61 हजार रुपए--4 करोड़ 36 लाख 37 हजार रुपए
2020-21--8 करोड़ 45 लाख 41 हजार रुपए--5 करोड़ 25 लाख 67 हजार रुपए
2021-22--6 करोड़ 94 लाख 60 हजार रुपए--2 करोड़ 28 लाख 35 हजार रुपए
Published on:
10 Mar 2023 12:29 pm
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