
Rajasthan News : राजधानी जयपुर के जेएलएन मार्ग पर एन एस पब्लिसिटी ने ग्रेटर नगर निगम से यूनीपोल किराए पर लिए और उन पर विज्ञापन लगाने के नाम पर मनमानी शुरू कर दी। कंपनी ने इन पर ऐसे विज्ञापन लगा दिए, जो अवैध हैं। दरअसल मोटी कमाई के चक्कर में इन यूनीपोल पर सट्टेबाजी के विज्ञापनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राजस्थान विश्वविद्यालय, कॉमर्स कॉलेज, कानोड़िया कॉलेज के आस-पास सट्टेबाजी के प्रतिबंधित विज्ञापनों को लगाकर युवाओं को आकर्षित किया जा रहा है। यह केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) की गाइडलाइन का उल्लंघन है।
ये कहा सीसीपीए ने
- सीसीपीए ने अपनी गाइडलाइन में लिखा है कि सार्वजनिक जुआ अधिनियम-1867 के तहत सट्टेबाजी और जुआ सख्ती से प्रतिबंधित है। देश भर के अधिकतर क्षेत्रों में इन्हें अवैध माना जाता है। इसके बावजूद ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म और ऐप्स सीधे तौर पर गेमिंग की आड़ में सट्टेबाजी और जुए का विज्ञापन करते हैं। ऐसी गतिविधियों से युवाओं पर वित्तीय और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव पड़ता है।
- सीसीपीए ने साफ कहा है कि यदि दिशा-निर्देशों का कोई भी उल्लंघन करता पाया जाता है तो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के अनुसार निर्माताओं, विज्ञापनदाताओं, प्रकाशकों, मध्यस्थों, सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स, समर्थनकर्ताओं व अन्य के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे।
इधर...डीएलबी ने मांगा जवाब
स्वायत्त शासन विभाग ने जयपुर सहित प्रदेश के अन्य शहरी निकायों को पत्र लिखकर यूनीपोल में हो रहे गड़बड़झाले पर जवाब मांगा है। डीएलबी निदेशक सुरेश ओला ने बताया कि यदि टेंडर प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी हुई है तो संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी। राजधानी में लगी डीएलबी की साइट पर निजी विज्ञापन किसने लगवाए हैं, इसकी पड़ताल करने को कहा है।
Published on:
29 Mar 2024 03:27 pm
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