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सावधान! इंस्टाग्राम REEL पर ‘लाइक’ के चक्कर में अब जाना होगा जेल, Jaipur Police ने शुरू किया ऐसी रील देखकर FIR का सिलसिला

Jaipur Police Action: समझाते थक चुकी पुलिस अब टेढ़ी अंगुली से घी निकालने में जुट गई है, यानी अब रील देखकर भी पुलिस केस दर्ज करने लगी है।

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फोटो: पत्रिका

FIR on Reel : जयपुर के यातयात को सुधारने के लिए पुलिस कई जतन कर रही है, लेकिन तरह के नए प्रयोग भी कर रही है, लेकिन उसके बाद भी अधिकतर वाहन चालक यातायता के नियमों को पालन करने को तैयार नजर नहीं आ रहे हैं। पुलिस इन दिनों स्टंट करने वाले वाहन चालकों से खासी परेशान है। ये स्टंटबाज लोगों का जीना मुहाल कर रहे हैं। वाहन चालकों को समझाते थक चुकी पुलिस अब टेढ़ी अंगुली से घी निकालने में जुट गई है, यानी अब रील देखकर भी पुलिस केस दर्ज करने लगी है। अपने तरह का पहला मामला जवाहर सर्किल थाने में दर्ज किया गया है।

इंस्टाग्राम पर चलती रील देखकर पुलिस ने उठाया कदम, किया मुकदमा दर्ज

जवाहर सर्किल थाना पुलिस के अनुसार गुलाबी नगरी नाम से चलने वाले इंस्टग्राम अकाउंट पर पुलिस ने ये रील देखी। इस वीडियो में एक खुली जीप चालक और एक कार जवाहर सर्किल पर बीच सड़क स्टंट कर रहे थे। इन खतरनाक स्टंट के कारण यातायात तो प्रभावित हो ही रहा था, साथ ही लोगों की जान भी सांसत में थी। वीडियो में न केवल यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं, बल्कि कानून को खुले तौर पर चुनौती भी दी गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ये वीडियो चार फरवरी को वायरल हुआ, इसकी जानकारी पुलिस तक पहुंची तो यातायात पुलिस के हैड कांस्टेबल केशव प्रसाद ने भी इसे देखा और अपने उच्च अधिकारियों तक ये वीडियो पहुंचाया। उसके बाद मिले निर्देशों के आधार पर इस जवाहर सर्किल थाने में जीप चालक और कार चालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया। दोनों के वाहन नंबरों के आधार पर पुलिस कार्रवाई करने में जुट गई है। दोनों वाहन चालकों के खिलाफ सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाना, दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना समेत अन्य कई आधार पर केस दर्ज किए गए हैं। ये केस बीएनएस की धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं।

क्या होता है UGC-NET JRF Exam

उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए यूजीसी नेट जेआरएफ (UGC NET JRF) सबसे प्रतिष्ठित सीढ़ी है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा साल में दो बार आयोजित होने वाली यह राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा न केवल विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की पात्रता देती है, बल्कि शोध (PhD) के लिए राह भी आसान करती है।
इस परीक्षा के तहत उच्च अंक प्राप्त करने वाले मेधावियों को जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) प्रदान की जाती है, जिसमें पीएचडी के दौरान शुरुआती दो वर्षों के लिए ₹37,000 प्रति माह और अगले तीन वर्षों (SRF) के लिए करीब ₹42,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता मिलती है। इसके लिए मास्टर डिग्री में 55% अंक अनिवार्य हैं। जेआरएफ के लिए अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष है, जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए कोई आयु सीमा नहीं है। कंप्यूटर आधारित यह परीक्षा शोध और शिक्षण कौशल को परखने का सबसे विश्वसनीय माध्यम है।

उल्लेखनीय है कि इसी तरह के कुछ मामले पिछले एक महीने में सामने आ चुके हैं। तेज रफ्तार से वाहन चलाने और लोगों की जान लेने के कई मामले सामने आने के बाद वाहन चालकों की लापरवाही सामने आई है। खासतौर पर थार और जीप चलाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कई मामले सामने आए हैं। यह मामला उन युवाओं के लिए एक सबक है जो सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स के लिए कानून की सीमाएं लांघते हैं। रील भले ही चंद सेकंड की हो, लेकिन उसका अंजाम सालों की जेल या भारी जुर्माना हो सकता है।