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तो इसलिए मनाया जाता है भाई दूज, प्रदेश में इस त्योहार को लेकर दिखता है अलग रंग

भाई दूज के दिन बहन अपने भाई का स्वागत टीका लगाकर करती है। साथ ही वह अपने प्यारे भाई के लिए लंबी उम्र की प्रार्थना भी करती है।

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जयपुर

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Punit Kumar

Oct 20, 2017

Bhai Dooj

हर साल गोवर्धन पूजा के बाद भाई-बहन के आपसी स्नेह और प्यार का प्रतीक भाई-दूज पर्व मनाने की परंपरा है। इस साल भी दिवाली के दो दिन बाद कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया यानि शनिवार को यह मनाया जाएगा। तो वहीं इस पूजा को लेकर राजस्थान में भी खाफी उत्साह देखने को मिलता है। यहां भाई दूज के दिन बहन अपने भाई का स्वागत टीका लगाकर करती है। जबकि इसके साथ ही वह अपने प्यारे भाई के लिए लंबी उम्र की प्रार्थना भी करती है।

Bhai Dooj 2017- प्राचीन ग्रथों के मुताबिक, इसी दिन यमुना ने अपने भाई यम को अपने घर पर आमंत्रित किया था, और उनके स्वागत के लिए टीका लगाया था, और उन्हें स्नेह के साथ भोजन कराया था। जिसके बाद से इस तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है। कुछ पुरानी परंपराओं की मानें तो राजस्थान में इस दिन महिलाएं सुबह से ही अपने भाई के स्वागत के लिए विशेष पकवान तैयार में लग जाती हैं। जबकि वहीं भाई भी इस दिन अपनी बहन को कुछ गिफ्ट जरुर भेंट करते हैं। ऐसा कह सकते हैं कि यह त्योहार यहां दूसरा रक्षाबंधन के रुप में भी मनाया जाता है।

भाई दूज के दिन ये काम हैं जरुरी...

इस दिन हर भाई को अपनी बहन का आशीर्वाद जरुर लेना चाहिए, ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से जहां दोनों के बीच स्नेह बढ़ता है। और रिश्ता भी मजबूत होता है। Bhai Dooj 2017 भाई दूज के दिन बहनों द्वारा लगाया गए टीका का अपना अलग ही महत्व होता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से भाईयों के जीवन में आने वाली परेशानियों ये टीका उनका बचाव भी करती है।

तो वहीं इस दिन भाई अपने से छोटी बहनों को नाराज नहीं करें, जबकि बड़ी बहनों को पूरा सम्मान दें। कहा जाता है कि भाई दूज के दिन रात को यमराज के नाम पर दीपक जलाने से भाईयों के ऊपर किसी तरह का कोई संकट नहीं आता है। और उनका जीवन सुखमय रहता है।