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Cabinet Decision : भजनलाल कैबिनेट का बड़ा फैसला, जिला परिषद, पंचायत समितियां और ग्राम पंचायतों का होगा पुनर्गठन

Bhajanlal Cabinet Big Decision : राजस्थान के भजनलाल कैबिनेट की बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया। प्रदेश में जिला परिषद, पंचायत समितियां और ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन होगा। अन्य और फैसले भी हैं, जानें।
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जयपुर

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 28 Dec 2024, 6:03 PM IST

Bhajanlal Cabinet Big Decision Rajasthan District Council Panchayat Samitis and Gram Panchayats will be Reorganized

File Photo

Bhajanlal Cabinet Big Decision : राजस्थान में आज शनिवार को भजनलाल कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले इतिहास में दर्ज होंगे। एक बार फिर इन फैसलों से राजस्थान का भूगोल बदलेगा। शनिवार को राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने कैबिनेट मीटिंग की। मंत्री सुमित गोदारा और मंत्री जोगाराम पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट में लिए गए फैसले के बारे में जानकारी दी। राजस्थान में जिला परिषद, पंचायत समितियां और ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन होगा। प्रेंस कॉफ्रेंस में जोगाराम पटेल ने बताया कि राजस्थान में ग्राम पंचायतों का पुर्नगठन होगा। जिलों के हिसाब से राजस्थान को सामान्यत तीन हिस्सों में बांटा जाता है। एक सामान्य जिले, दूसरा मरुस्थलीय जिले और तीसरा आदिवासी बहुल्य जिले। इन तीन हिस्सों में आबादी के आधार पर ग्राम पंचायतों के पुर्नगठन किया जाएगा।

अब राजस्थान में 41 जिले और 7 संभाग रहेंगे

अशोक गहलोत सरकार का फैसला भजनलाल सरकार ने बदल दिया है। अशोक गहलोत सरकार में बने 17 नए जिलों में से 9 जिले और तीन संभाग को खत्म कर दिया गया है। कैबिनेट फैसले के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कैबिनेट के फैसले के बाद अब अब राजस्थान में 41 जिले और 7 संभाग रहेंगे।

यह भी पढ़ें :भजनलाल सरकार ने 9 नए जिले किए रद्द, तीनों संभाग भी निरस्त, CET की वैद्यता अब 3 वर्ष; जानें कैबिनेट के अहम फैसले

नए जिले और संभाग व्यवहारिक नहीं थे, इसलिए बदला फैसला

मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा चुनाव से पहले नए जिले और संभाग बनाए गए थे। वह व्यवहारिक नहीं थे। वित्तीय संसाधन और जनसंख्या के पहलुओं को अनदेखा किया गया। अनेक जिले ऐसे थे, जिनमें 6-7 तहसीलें नहीं थी। इतने जिलों की आवश्यकता होती तो इसका परीक्षण किया जाता। इन सबको अनदेखा किया गया, इसमें न तो पद सृजित किए, न ऑफिस बिल्डिंग दी और न ही दूसरी व्यवस्थाएं की, केवल 18 विभागों में पद सृजन की व्यवस्था की गई। ये जिले राजस्थान पर अनावश्यक भार डाल रहे हैं। रीव्यू के लिए बनी कमेटी ने पाया कि इन जिलों की उपयोगिता नहीं है।

CET की पात्रता वैधता को बढ़ाया गया

कैबिनेट बैठक में एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। कैबिनेट बैठक में सीईटी की पात्रता वैधता को बढ़ाया गया। अब सीईटी की वैधता को तीन साल कर दिया गया है। अभी तक सीईटी की वैधता एक साल होती थी। बीते दिनों राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) का आयोजन किया था। सीईटी के परीक्षा परिणाम का परीक्षार्थी बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फैसले के बाद परीक्षार्थी की बाछें खिल गई हैं।

भजनलाल कैबिनेट के बड़े फैसले

1- 2025 में 1 लाख बेरोजगारों को नौकरी देगी भजनलाल सरकार।
2- आगामी 4 साल में 3 लाख नौकरियों का रखा गया टारगेट।
3- 31 दिसंबर तक जिन्होंने KYC नहीं कि उनके नाम हटेंगे।
4- खाद्य सुरक्षा योजना के नए लाभार्थी के नाम जोड़ने का फैसला।
5- परिनिन्दा दंड समाप्त करने का अनुमोदन।
6- TAD में छात्रावास अधीक्षक के लिए पात्रता बदली।
7- पशुधन सहायकों का बदलेगा पदनाम।

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