6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में बच्ची को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के मामले में मचा बवाल, लोगों का भड़का गुस्सा, सोशल मीडिया पर सीएम भजनलाल शर्मा के लिए लिखा जा रहा यह..

राजस्थान में 11 साल की मूक बधिर बच्ची को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के मामले में बवाल मच गया है।

2 min read
Google source verification

जयपुर। राजस्थान में 11 साल की मूक बधिर बच्ची को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के मामले में बवाल मच गया है। सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़क रहा है। लोगों की ओर से सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर लिखा जा रहा है कि भजनलाल शर्मा इस्तीफा दो। इधर आज इस केस में भरतपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए इस मामले में अभी तक हुई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। वहीं सीएम भजनलाल शर्मा इस मामले को लेकर गंभीर है। पीड़ित परिवार को न्याय मिले, इसे लेकर सीएम की ओर से लगातार पुलिस अधिकारियों से बात की जा रही है।

आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि पुलिस टीम के साथ-साथ मैं खुद भी घटनास्थल पर गया था। जहां बच्ची के परिजनों से बातचीत की गई है। उनकी जो शंकाएं थी उसे सुना गया है। इसके अनुसंधान के लिए विशेष जांच टीम बनाने की जरूरत है। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाएगा। आज ही इसका आदेश जारी कर दिया जाएगा। बहुत जल्द मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

वहीं पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली मृतक बालिका के पिता ने आज सीएम के नाम उप जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों को जल्द गिरफ्तार करके सख्त कार्रवाई करने की मांग की। पीड़ित पिता ने ज्ञापन में लिखा कि 'मैंने हिंडौन सिटी के नई मंडी पुलिस थाने में 11 मई 2024 को शिकायत दी थी। पुलिस को बताया था कि कुछ अज्ञात बदमाशों ने मेरी बेटी को जिंदा जला दिया और उसे घर से कुछ दूरी पर जली हुई अवस्था में छोड़कर फरार हो गए हैं। मगर पुलिस ने मेरी रिपोर्ट दर्ज नहीं की।

बता दें कि 11 साल की मूक-बधिर बच्ची को जिंदा जलाने की घटना करौली जिले के हिंडौन में 9 मई की है। 9 मई की सुबह घर के बाहर खेल रही बच्ची को घर से 100 मीटर दूर खेत में पेट्रोल डालकर जला दिया गया था। जिसके बाद निर्वस्त्र बच्ची दौड़ती हुई अपने घर पहुंची थी। परिजनों द्वारा बच्ची को हिंडौन सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उसी दिन बच्ची को जयपुर रेफर कर दिया गया था। 20 मई को इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई।