
अविनाश बाकोलिया / जयपुर. प्रदेश के निजी अस्पताल एक फरवरी से भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत इलाज नहीं करेंगे। कारण यह है कि इंश्योरेंस कंपनी की ओर से सरकारी और निजी अस्पतालों को भुगतान नहीं किया गया है। निजी अस्पतालों ने उपचार नहीं करने की चेतावनी दी है। जानकारी के अनुसार इस निर्णय से प्रदेश के 1300 से अधिक निजी अस्पतालों में मरीजों को भामाशाह के तहत इलाज नहीं मिल सकेगा।
प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स सोसायटी के सचिव डॉ. विजय कपूर ने बताया कि बीस प्रतिशत अस्पताल एक माह पहले ही भामाशाह योजना के तहत उपचार बंद कर चुके हैं। यदि इस माह के अंत तक बकाया भुगतान नहीं हुआ तो बाकि के अस्पताल भी उपचार बंद कर देंगे। उन्होंने बताया कि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी क्लेम दे रही थी। दो माह पहले कंपनी का टर्म पूरा हो गया था, तब सरकार ने बकाया भुगतान करने का आश्वासन इलाज नियमित करने को कहा था। लेकिन 13 दिसंबर 2019 के बाद भुगतान नहीं किया गया।
निजी और सरकारी अस्पतालों का करीब 50 करोड़ रुपए का क्लेम अटका हुआ है। अकेले एसएमएस अस्पताल का ही तीन से चार करोड़ रुपए का भुगतान नहीं हुआ है। इस वजह से अस्पतालों के सामने अपने स्टाफ को सैलरी देने और अन्य खर्च वहन करने का भी संकट खड़ा हो गया है। समय पर भुगतान नहीं होने के कारण कोई भी इंश्योरेंस कंपनी आगे आने को तैयार नहीं है।
Updated on:
24 Jan 2020 10:00 pm
Published on:
24 Jan 2020 10:00 pm
