
Cyber Fraud During Festive Seasons
Cyber Fraud During Festive Seasons : त्योहारी सीजन में सायबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। भरतपुर (Bharatpur) में बीते कुछ दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें मेवात के ठगों ने वही पुराने तरीके अपनाए, जिन्हें वे अब तक आजमाते रहे हैं। प्रदेश में हर महीने 100 से ज्यादा लोगों को ये अपना शिकार बना रहे हैं। मोबाइल व ई-मेल के माध्यम से मैसेज ट्रैप कर सायबर ठगी को अंजाम देना पुराना तरीका है, बावजूद इसके ठगों का यह तरीका अब भी उतना कारगार है, जितना पहले था।
ऐसे हो रही हैं ठगी
1. किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर अधिकारी बन लोगों को फंसाते हैं। फिर मोबाइल वॉलेट के स्कैनर से स्कैन कर एटीएम, डेबिट कार्ड और आधार कार्ड की डिटेल्स मांगकर अकाउंट खारी कर देते हैं।
2. सायबर ठग जिस ऐप का उपयोग ठगी के लिए करते हैं, उसे इंस्टॉल करने के बाद उसकी हेंडलिंग आरोपी के हाथ पहुंच जाती है। आरोपी उसके जरिए फोन के सारे फंक्शन लॉक कर देते हैं।
3. मोबाइल पर एप डाउनलोड करवाते हैं। इसके बाद एटीएम कार्ड का उपयोग करने पर ओटीपी मोबाइल फोन पर पहुंचता है, तो उसे मिररिंग के जरिए वे देख लेते हैं और फिर ठगी क रते हें।
केस 1 रंजीत नगर के मानकचंद शर्मा ने बताया कि उनका अकाउंट एक प्राइवेट बैंक में है। टीडीएस कटने के बाद फॉर्म 16ए के लिए उन्होंने बैंकिंग लोकपाल के कस्टमर केयर पर फोन किया। यह कॉल साइबर ठग के पास पहुंच गया। ठग ने एप डाउनलोड करवाया। फिर एटीएम कार्ड को फोन-पे से स्कैन कराया और उनके अकाउंट से 85 हजार रुपए कट गए।
केस 2
बयाना के एक व्यक्ति ने पुलिस थाने में दी शिकायत में बताया है कि वे शिक्षा विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। क्रेडिट कार्ड संबंधी मैसेज आया था। मैसेज में क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी मांगी गई और धोखे में रखकर किसी ठग ने उनके बैंक खाते से 14 हजार 256 रुपए उड़ा लिए।
केस 3
मुखर्जी नगर निवासी महादेव सिंह के वॉट्सएप पर किसी ने मैसेज भेजा। उसने सेना की वर्दी में फोटो लगा रखी थी। उसने कहा कि तीन माह पहले दो लाख रुपए में 10 सीटर लेदर का सोफा खरीदा था। सोफे को मात्र 1.20 लाख रुपए में बेचना चाहते हैं। 80 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। ट्रांसपोर्ट चार्ज के नाम पर 10 हजार रुपए खाते में डलवा लिए। उसने सेना का आईकार्ड और अन्य दस्तावेज भी दिखाए। सोफा आज तक नहीं मिल पाया।
एसपी बोले...सायबर ठगी से बचाव ही उपाय, ऐसे समझें
डीग एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि सावधानी एवं सतर्कता ही सायबर ठगी से बचने का बेहतर उपाय है। हैकर्स फर्जी मैसेज डालकर आपके बैंक से संबंधित अकाउंट को ब्लॉक करने की धमकी देकर आपकी बैंक संबंधी जानकारी हासिल करते हैं। फ्रॉड कॉल करने वाले व्यक्ति अक्सर 24 घंटे के अंदर बैंक खाता ब्लॉक करने का दबाव बनाकर बैंक से संबंधित जानकारी हासिल कर ठगी करता है। बैंक खाते को ब्लॉक करने संबंधित किसी प्रकार की कॉल, मैसेज या एसएमएस आता है तो किसी भी प्रकार की जानकारी साझा न करें। इसके अलावा ठगों के बताए गए नंबर पर कोई भी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। बैंक के ऑफिशियल कस्टमर केयर के नंबर पर ही वेरिफाई करें।
Published on:
18 Oct 2023 06:33 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
