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पीएम मोदी का लिफाफा कितना खाली? चुनाव से ठीक पहले मंदिर पुजारी ने खोला राज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भीलवाड़ा आसींद स्थित गुर्जर समाज के आराध्य स्थल मालासेरी मंदिर में पैसा या लिफाफा डालने का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता दिखा। चुनाव से पहले ये बात एक बार फिर पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।

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bhilwara Malaseri Dungri temple pujari on pm modi envelope statement

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भीलवाड़ा आसींद स्थित गुर्जर समाज के आराध्य स्थल मालासेरी मंदिर में पैसा या लिफाफा डालने का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता दिखा। चुनाव से पहले ये बात एक बार फिर पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। इस बाबत शुक्रवार को देवनारायण जन्मस्थली विकास समिति के पदाधिकारियों ने गोपालपुरा स्थित एक होटल में प्रेस वार्ता हुई।

विश्व विख्यात भगवान देवनारायण की जन्मस्थली मालासेरी डूंगरी मंदिर के पुजारी हेमराज पोसवाल ने कहा कि मंदिर समिति और मैंने कभी ऐसा बयान नहीं दिया कि प्रधानमंत्री ने दान पात्र में कोई लिफाफा डाला था। न ही दानपात्र खोलते समय ये बताया कि लिफाफा प्रधानमंत्री का है। ये पूरी तरह से अफवाह फैलाई गई। प्रियंका गांधी वाड्रा ने दौसा और झुंझुनूं में काल्पनिक कहानी बनाकर लिफाफे का जिक्र किया।

स्थानीय राजनेताओं ने अफवाह फैलाई
पुजारी हेमराज पोसवाल ने पूरे मामले में सफाई देते हुए कहा कि हर साल की तरह इस साल भी भादवीं छठ के अवसर पर दान पात्र भंडार खोला गया था। जो समिति एवं सर्वसमाज के सामने खोला गया। नकद राशि, आभूषण, पत्र और लिफाफे मिले है। इस दौरान मेरे और मंदिर समिति के लोगों से रंजिश रखने वाले आसींद-भीलवाड़ा के स्थानीय राजनेताओं ने अफवाह फैलाई। अफवाह में बताया कि प्रधानमंत्री ने कोई लिफाफा डाला।

इसको खोलने पर 21 रुपए निकले। पीएम ने न कोई लिफाफा दान पात्र में डाला। न दान पात्र खोलते समय निकला। इससे भगवान विष्णु के अवतार देवनारायण भगवान को मानने वाले और सनातन धर्म को मानने वाले लोगों की भावना को ठेस पहुंचाई। मंदिर समिति के अध्यक्ष जयदेव चाड, उपाध्यक्ष महादेव तेडवा, कोषाध्यक्ष शंभू गुर्जर, घासीराम गुर्जर, भोमाराम गुर्जर सहित अन्य लोग मौजूद रहे। गौरतलब है कि इस साल 28 जनवरी को पीएम मोदी मालासेरी डूंगरी आए थे।

यह भी पढ़ें : PM मोदी ने 21 रुपए का लिफाफा नहीं, बल्कि नकद रुपए डाले थे

राजनीति करना गलत
पोसवाल ने कहा कि जब दान पेटी खुली तो ये कैसे पता चलेगा कि ये प्रधानमंत्री का नोट है। राजनीतिकरण करना गलत है। प्रधानमंत्री ने पैसा डाले लेकिन राशि कितनी है इसका पता नहीं चलेगा, क्योंकि नोट सारे उसमें मिल गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल 28 जनवरी को भगवान देवनारायण के 1111 वें ‘अवतरण महोत्सव’ के समारोह में शामिल होने पहुंचे। पीएम ने मंदिर में रखे दान पात्र में एक लिफाफा डाला था। दानपात्र खुलने के बाद उसमें से तीन लिफाफे निकले। एक लिफाफे से 2100, दूसरे 101 और तीसरे में 21 रुपए थे।

दानपात्र से लिफाफा निकालने और फिर उसमें से निकले 21 रुपये की पूरी कवायद को कैमरे में कैद किया गया। जिसके बाद पीएम मोदी के लिफाफे से 21 रुपये निकलने की खबर मीडिया और कांग्रेस नेताओं तक पहुंच गई। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद पीएम मोदी के मालासेरी डूंगरी मंदिर दौरे का एक वीडियो सामने आया। जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि पीएम मोदी ने दानपात्र में लिफाफा नहीं, बल्कि रुपए डाले थे।