
ACB Trap ED Officer: सम्पत्ति अटैच करने व गिरफ्तारी का भय दिखाकर पन्द्रह लाख रुपए वसूलने के मामले में ईडी के इंफाल कार्यालय में कार्यरत उपनिदेशक एम. शिबानंद और प्रवर्तन अधिकारी हिमांशु गौतम भी जांच के घेरे में हैं। यहां राजस्थान में वसूली करने आए प्रवर्तन अधिकारी नवल किशोर की गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने जो एफआईआर दर्ज की है, उसमें इन दो अधिकारियों का भी नाम सामने आया है।
एसीबी ने यह मामला हाल ही में 15 लाख रुपए रिश्वत लेने के मामले में ईडी के ईओ नवलकिशोर मीणा की गिरफ्तारी के बाद उनके मोबाइल में मिली वाट्सएप चैट के आधार पर दर्ज किया है। एसीबी सूत्रों के मुताबिक वाट्सएप चैट के परीक्षण से प्रवर्तन अधिकारी हिमांशु गौतम की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जबकि उपनिदेशक एम. शिबानंद चिटफंड प्रकरण के अनुसंधान अधिकारी हैं। अनुसंधान के बाद ही दोनों अधिकारियों की रिश्वत प्रकरण में भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
यह है मामला...गौरतलब है कि एसीबी ने इंफाल ईडी के ईओ नवल किशोर शर्मा व खैरथल के मण्डावर पंजीयन विभाग के कनिष्ठ सहायक बाबूलाल मीणा को हरियाणा निवासी (एसीबी) के परिवादी से 15 लाख रुपए रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया था। आरोपी नवल किशोर रिश्वत की राशि लेने इंफाल से जयपुर आया था और यहां आने के बाद परिवादी को रिश्वत की राशि अपने दोस्त बाबूलाल मीणा को नीमराना में दिलवाई थी। एसीबी ने भारतीय मुंद्रा के 4 लाख रुपए और डमी करेंसी के 11 लाख रुपए आरोपियों को रिश्वत में दिलवाए थे।
Published on:
06 Nov 2023 10:23 am
