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Jaipur: नीरजा मोदी स्कूल केस में बड़ा फैसला; हाईकोर्ट ने CBSE के आदेश पर लगाई रोक, 5,00000 जमा करने के आदेश

CBSE Affiliation Issue: राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर स्थित नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द करने संबंधी आदेश पर अंतरिम रोक लगाकर स्कूल को राहत दी है, वहीं स्कूल से कहा कि वह केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को 10 दिन में पांच लाख रुपए जमा कराए और एक माह में कमियों को दूर करे।

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पत्रिका फाइल फोटो

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CBSE Affiliation Issue: राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर स्थित नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द करने संबंधी आदेश पर अंतरिम रोक लगाकर स्कूल को राहत दी है, वहीं स्कूल से कहा कि वह केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को 10 दिन में पांच लाख रुपए जमा कराए और एक माह में कमियों को दूर करे। बोर्ड इस राशि को एफडीआर में जमा कराए।

न्यायाधीश गणेश राम मीणा ने नीरजा मोदी स्कूल की याचिका पर यह आदेश दिया। कोर्ट ने CBSE को कहा कि 45 दिनों के बाद फिर से स्कूल का निरीक्षण किया जाए और यदि कमियों को ठीक नहीं किया जाए तो कोर्ट में पुन: प्रार्थना पत्र पेश किया जा सकता है।

सीबीएसई के फैसले को चुनौती

याचिका में 23 फरवरी, 2026 के CBSE के फैसले को चुनौती दी गई। संशोधित आदेश में सीबीएसइ ने स्कूल की मान्यता को सेकेंडरी स्तर तक तो बहाल कर दिया था, लेकिन दो शैक्षणिक सत्रों 2026-27 और 2027-28 के लिए सीनियर सेकेंडरी मान्यता (कक्षा 11 और 12) वापस ले ली थी।

स्कूल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ए.के. शर्मा व अधिवक्ता रचित शर्मा ने कोर्ट को बताया कि जो कमियां बताई, उनमें से अधिकांश को दूर कर दिया। शेष कमियों को एक महीने के भीतर ठीक कर लिया जाएगा। सीबीएसई के अधिवक्ता एम.एस. राघव ने कहा कि मान्यता संबंधी उप-नियमों के वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन हुआ था और आदेश पारित करने से पहले स्कूल को नोटिस जारी किया गया। अभिभावकों की ओर से अधिवक्ता एस.एस. होरा ने कहा कि मामूली उल्लंघन पर भी सज़ा मिल सकती है, जिसमें मान्यता रद्द होना भी शामिल है, और ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरती जानी चाहिए।

स्कूली छात्रा की मौत के बाद एक्शन की मांग

राजधानी जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में चौथी कक्षा की छात्रा अमायरा (9) की संदिग्ध मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। अमायरा की मौत के बाद स्कूल की मान्यता रद्द करने और संबंधित स्कूल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की परिजनों ने मांग की थी। अमायरा की मां का कहना है, नाम तो बहुत बड़ा है, लेकिन जवाब कोई नहीं देता। मेरी बच्ची बहुत खुश रहती थी, मैं सभी माता-पिता से हाथ जोड़कर कहती हूं कि मेरी बेटी को अपनी समझें और न्याय के लिए साथ दें, जिस स्कूल में मेरी बच्ची के साथ अन्याय हुआ, उसके खिलाफ एक्शन लिया जाना चाहिए। इस पर सीबीएसई ने स्कूल की सेकेंडरी की मान्यता रद्द करने के आदेश दिए थे।