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Military Welfare : राजस्थान में सैनिक कल्याण संबंधित योजनाओं से जुड़ी विसंगतियों को सभी स्तरों पर दूर किया जाएगा। साथ ही सशस्त्र सेनाओं एवं पैरा मिलिट्री फोर्सेस के शहीद एवं स्थाई रूप से विकलांग सैनिकों को भूमि आवंटन संबंधी नियमों में पारदर्शिता के साथ व्यावहारिकता पर भी जोर दिया जाएगा। राज्यपाल कलराज मिश्र ने सैनिक कल्याण सम्बन्धित योजनाओं से जुड़ी विसंगतियों को सभी स्तरों पर दूर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों की देखभाल, उन्हें रोजगार प्रदान करने आदि के साथ ही कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के भी निर्देश दिए है। उन्होंने सेवारत एवं पूर्व सैनिकों के कल्याण सम्बन्धी प्रकरणों में सभी सरकारी विभागों को समन्वय रखते हुए समयबद्ध कार्य करने का भी आह्वान किया।
क्या कहा राज्यपाल ने
राज्यपाल मिश्र ने कहा है कि शहीदों के परिजनों को समाज में विशेष सम्मान प्रदान करना, उनकी देखभाल करना और उनकी सामाजिक, पारिवारिक एवं आर्थिक समस्याओं का समाधान करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र सेनाओं एवं पैरा मिलिट्री फोर्सेस के शहीद एवं स्थाई रूप से विकलांग सैनिकों को भूमि आवंटन संबंधी नियमों में पारदर्शिता के साथ व्यावहारिकता पर भी जोर रहना चाहिए। मिश्र बुधवार को राजभवन में राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड की 14 वीं बैठक और अमलगमेटेड फण्ड की प्रबन्धकारिणी समिति की 31वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
प्रदेश को मिले पूर्व सैनिकों के अनुभव का लाभ
राज्यपाल ने सेना मैडल धारकों से जुड़ी विभिन्न सुविधाओं, सम्मान राशि और अन्य संबंधित विसंगतियों को भी दूर किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश के जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों का आधुनिकीकरण कार्य समयबद्ध किए जाने के भी निर्देश दिए ताकि वहां आने वाले पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के लिए भी समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो सकें। राज्यपाल ने कहा कि पूर्व सैनिकों के अनुभव का लाभ प्रदेश के विकास के लिए भी लिया जाए। सैनिक कल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यों, विकास योजनाओं, स्थाई युद्ध विकलांग सैनिकों के लिए दिए जाने वाले भत्ते, शौर्य पदक धारकों को देय सुविधाओं आदि की भी राज्यपाल ने भी समीक्षा की।
सूचना तंत्र विकसित करें
राज्यपाल ने शहीद सैनिकों के आश्रितों के नियोजन की जटिलताओं को दूर करने और ऐसे लम्बित प्रकरणों का प्रभावी निस्तारण करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सैनिक कल्याण योजनाओं और शहीदों एवं पूर्व सैनिकों के आश्रितों के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता की जानकारी दूर-दराज के क्षेत्र में निवास कर रहे लोगों को भी हो सके, इसके लिए विभाग और अमलगमेटेड फण्ड के स्तर पर सूचना तंत्र विकसित किया जाना चाहिए।
बड़े प्रस्ताव पर सैद्धांतिक स्वीकृति
भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित पदों पर उपयुक्त भूतपूर्व सैनिक न मिलने की स्थिति में इन पदों पर परिवार के एक आश्रित सदस्य को नियोजन के लिए आरक्षण के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति बैठक में प्रदान की गई। इसी तरह भूतपूर्व सैनिकों के लिए न्यूनतम प्राप्तांक की बाध्यता को समाप्त कर भूतपूर्व सैनिकों को अलग से मेरिट के आधार पर नियोजन प्रदान करने हेतु प्रस्ताव भी राज्य सरकार को भेजे जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई।
अमलगमेटेड फण्ड की बैठक में स्वीकृत प्रस्ताव
अमलगमेटेड फण्ड की प्रबन्धकारिणी समिति की बैठक में सैनिक विश्राम गृहों के कार्मिकों के पारिश्रमिक, कमरों एवं परिसरों के किराए में वृद्धि, युद्ध विधवा छात्रावास का नाम बदल कर वीरांगना छात्रावास करने के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। शहीदों एवं पूर्व सैनिकों के आश्रितों को राज्यपाल की ओर से दी जाने वाली विवेकाधीन आर्थिक सहायता राशि 30 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपए, अमलगमेटेड फण्ड उपसमिति के अध्यक्ष की ओर से दी जाने वाली आर्थिक सहायता 30 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपए,निदेशक सैनिक कल्याण की ओर से दीजाने वाली आर्थिक सहायता एक हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपए करने सहित विभिन्न प्रस्तावों पर भी बैठक में विचार-विमर्श कर स्वीकृति प्रदान की गई।
Updated on:
04 May 2022 07:43 pm
Published on:
04 May 2022 07:33 pm
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