
Patwari Strike : प्रदेशभर में आज से पटवारी आंदोलन कर रहे है। राजस्थान पटवार संघ के बैनर तले पटवारीयों ने अनिश्चितकालीन कार्य का बहिष्कार कर दिया है। प्रदेश भर में करीब साढ़े नौ हजार पटवारी हड़ताल पर चले गए है। जिसके चलते अब लोगों को नामांतरण खुलवाने, गिरदावरी करवाने व अन्य पटवार कार्यालय संबंधित कामों में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
राजस्थान पटवार संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र कविया ने बताया कि 9 सूत्रीय मांगों को लेकर पटवार संघ राजस्थान लंबे समय से आंदोलन की राह पर है। पूर्व में सरकार से मिले आश्वासन के बाद राज्य भर के पटवारी काम पर लौटे थे। लेकिन सरकार की ओर से समय रहते मांगों को पूरा नहीं किया गया। जिसके चलते पटवारी वापस आंदोलन करने को मजबूर है।
कविया ने बताया कि राजस्थान पटवार संघ की 9 सूत्री मांगों में सबसे प्रमुख मांग गिरदावरी एप को संशोधन कराने की है। वर्तमान में गिरदावरी के लिए सरकार ने एप बनाया है, जिसमें सर्वेयर के जरिए गिरदावरी करवाई जा रही है। पटवार संघ ने गिरदावरी के लिए एप में संशोधन करने और सर्वेयर की नियुक्ति न करने की मांग की है।
ये प्रमुख मांगें हैं शामिल…
— पटवार संघ की ओर से पटवारी से भू-अभिलेख निरीक्षक पद की डीपीसी और भू-अभिलेख निरीक्षक पद से नायब तहसीलदार पद की डीपीसी जो लंबित पड़ी है, उसे जल्द करने की मांग।
— 752 भू-अभिलेख निरीक्षक के नए पदों के सृजन के लिए पत्रवाली एक साल से पेंडिंग पड़ी है, जिसे सरकार से जल्द क्लियर करने और नए पद सृजित करने की मांग।
पटवार भवनों में फर्नीचर, लैपटॉप, कम्यूटर, प्रिंटर समेत अन्य सुविधाएं देने और पटवार मंडलों की संख्या बढ़ाने की मांग।
— नायब तहसीलदार से तहसीलदार के पद पर की जाने वाली पदोन्नति में कोटा बढ़ाने की मांग।
— हार्ड ड्यूटी और स्टेशनरी भत्तों में बढ़ोतरी करने, इसमें हार्ड ड्यूटी भत्ते को 2500 से बढ़ाकर 5000 रुपये करने और स्टेशनरी भत्ता को 400 से बढ़ाकर 1000 रुपये करने की मांग।
पिछले साल भी की थी हड़ताल…
पिछले साल भी पटवारियों ने अपनी इन्हीं मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार किया था। इस दौरान आमजन खासकर किसानों से जुड़े अधिकांश काम जैसे नामांतरण खुलवाने, गिरदावरी करवाने समेत कई काम प्रभावित हुए थे।
Updated on:
13 Jan 2025 10:45 am
Published on:
13 Jan 2025 10:40 am
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