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LPG फ्री जोन को लेकर आई बड़ी खबर, अब 45 दिन में राजस्थान के 43000 घरों को मिलेगी खुशखबरी

Domestic PNG Connections: राजस्थान में एलपीजी फ्री जोन की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब अगले 45 दिनों में करीब 43 हजार घरों को पाइप लाइन आधारित घरेलू गैस यानी डीपीएनजी कनेक्शन दिए जाएंगे।

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LPG Gas

File Photo: Patrika

LPG Free Zone Update: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्य की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियों को प्रतिदिन औसतन एक हजार घरों तक पाइप लाइन आधारित घरेलू गैस (डीपीएनजी) कनेक्शन पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत आगामी 45 दिनों में करीब 43 हजार घरों को डीपीएनजी सुविधा से जोड़ा जाएगा। इस योजना का उद्देश्य राज्य में एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता कम करना और लोगों को सुरक्षित एवं निरंतर गैस आपूर्ति उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि डीपीएनजी व्यवस्था लागू होने से आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी और घरेलू गैस वितरण प्रणाली अधिक आधुनिक बनेगी।

सचिवालय में आयोजित हुई राज्य स्तरीय सीजीडी समिति की बैठक

गुरुवार को सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय सीजीडी समिति की बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि जिन क्षेत्रों में डीपीएनजी आधारभूत संरचना विकसित हो चुकी है, वहां प्राथमिकता से कनेक्शन जारी किए जाएं। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार एलपीजी कनेक्शनों को डीपीएनजी में शिफ्ट करने और एलपीजी फ्री जोन घोषित करने पर जोर दे रही है। इसके लिए विभिन्न जिलों में चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक परिवारों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।

उन्होंने सीजीडी कंपनियों को सोशल मीडिया और जनजागरूकता अभियान चलाने, शिविर लगाने तथा लोगों को डीपीएनजी की चौबीस घंटे उपलब्धता, सस्ती व सुरक्षित व्यवस्था और सिलेंडर बुकिंग से मुक्ति जैसे लाभों की जानकारी देने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों से कहा गया कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए और नए कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।

मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में अब तक 490 सीएनजी स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 1380 व्यावसायिक एवं औद्योगिक कनेक्शन तथा 1.53 लाख घरेलू डीपीएनजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने आईटीआई संस्थाओं को राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड को 5 हजार प्रशिक्षित प्लंबरों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि कनेक्शन जारी करने के कार्य में तेजी लाई जा सके। इसके साथ ही तकनीकी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर गैस पाइपलाइन विस्तार कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।