Rajasthan Politics: राजस्थान कांग्रेस में एक बार से फिर से सियासत तेज होने लगी है। पार्टी में पायलट समर्थक विधायक मुखर हो रहे है। वहीं अब जल्द ही शेष संगठनात्मक फैसलों की तैयारी है। बची हुई राजनीतिक नियुक्तियां भी की जाएगी।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। Rajasthan Politics: राजस्थान कांग्रेस में एक बार से फिर से सियासत तेज होने लगी है। पार्टी में पायलट समर्थक विधायक मुखर हो रहे है। वहीं अब जल्द ही शेष संगठनात्मक फैसलों की तैयारी है। बची हुई राजनीतिक नियुक्तियां भी की जाएगी। इसको लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच मंगलवार को विधानसभा में गहन मंत्रणा हुई। माना जा रहा हैं कि शेष कांग्रेस जिलाध्यक्षों के नामों को लेकर मंत्रणा की गई हैं। इसके अलावा कुछ नए बोर्ड, निगमों में भी चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी। बैठक में ये भी तय हुआ कि रंधावा 24 मार्च को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बैठक लेंगे।
जनता में गलत मैसेज जाएगा: भाकर
पार्टी के खिलाफ अनुशासनहीनता करने वाले तीन मंत्रियों पर कार्रवाई नहीं होने पर विधायक मुकेश भाकर ने मंगलवार को विधानसभा के बाहर कहा कि जब एक ही पार्टी में दो तरीके का व्यवहार होने लगेगा तो जनता में गलत मैसेज जाएगा। जब हमने बगावत की तो खामियाजा भी भुगता। 25 सितंबर को जयपुर में हुई घटना कांग्रेस के इतिहास को शर्मसार करने वाली घटना है।
रंधावा बोले, विधायक कहेंगे तो बुलाएंगे बैठक
प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सचिन पायलट की ओर से विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग को लेकर कहा है कि विधायक कहेंगे तो हम बैठक बुला लेंगे। पीसीसी में मंगलवार को मीडिया से बातचीत में रंधावा ने कहा कि वे सोमवार से ही वन टू वन बैठकें ले रहे हैं। राजस्थान में कोई गुटबाजी नहीं है। राजस्थान में हमें अपनी सरकार रिपीट करानी है।
पायलट के बयान को लेकर खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि वे विधायकों की आवाज उठा रहे हैं तो इसमें गलत क्या है। इसके लिए सचिन पायलट को कोसना ठीक नहीं है। पार्टी आलाकमान भी पायलट की बात को मानता है। खाचरियावास ने विस. के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा कि वह भी किसी नेता के साथ नहीं बल्कि पार्टी के साथ हैं।