
Rajasthan News: झुंझुनूं जिले के मेहाड़ा थाना क्षेत्र के गोविंदासपुरा गांव में एक दलित दूल्हे की बिंदौरी पुलिस की कड़ी सुरक्षा में निकाली गई। इस घटना के को लेकर प्रदेशभर के दलित समाज में आक्रोश देखा जा रहा है। इसी कड़ी में राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए हैं।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि, भाजपा राज में दलित होना गुनाह…राजस्थान में दलितों पर अन्याय चरम पर है, खेतड़ी में दलित दूल्हे की बिंदौरी निकालने के लिए 60 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा लेनी पड़ी। परिवार को धमकियां मिलीं, प्रशासन की शरण लेनी पड़ी- आख़िर क्यों BJP सरकार में दलितों पर अत्याचार बढ़ रहा है?
उन्होंने कहा कि दलितों को मंदिर में जाने से रोका जाता है, घोड़ी चढ़ने पर हमला होता है, घर जलाए जाते है और सरकार चुप है, आखिर क्यों? संविधान ने हक दिया, समानता का लेकिन BJP राज में दलितों को जीने का भी हक नहीं।
बताते चलें कि झुंझुनूं जिले के मेहाड़ा थाना इलाके की रामपुरा ग्राम पंचायत के गांव गोविंदासपुरा में शनिवार को पुलिस पहरे में दलित दूल्हे की बिंदौरी निकाली गई। इस दौरान चार थानों समेत क्यूआरटी टीम के 60 से अधिक जवान तैनात रहे। तीन दिन पहले गांव के स्वर्ण जाति के कुछ युवकों ने दूल्हे व उसके परिवार को घोड़ी पर बैठकर बिंदौरी नहीं निकालने के लिए धमकाया था।
मेहाड़ा थानाधिकारी भजनाराम ने बताया कि शनिवार को बिंदौरी के समय सुरक्षा के लिए पुलिस जाब्ता लगाया गया था। किसी तरह का कोई विरोध नहीं हुआ।
गोविंदासपुरा के राकेश कुमार पुत्र मदनलाल, की शादी 15 फरवरी को थी। 9 फरवरी को लग्न-टीका कार्यक्रम के दौरान गांव के कुछ युवकों ने राकेश के परिवार को धमकी दी कि बिंदौरी घोड़ी पर नहीं निकाली जाएगी। डर के माहौल को देखते हुए परिजनों ने मेहाड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए 15 से ज्यादा लोगों को पाबंद किया। हालांकि ये कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो गया।
Updated on:
17 Feb 2025, 7:13 PM IST
Published on:
17 Feb 2025, 7:13 PM IST
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