
चिन्ताजनक : कभी भी बंद हो सकती है बीसलपुर से सप्लाई, मात्र 10 फीसदी पानी ही शेष
भवनेश गुप्ता / जयपुर। भीषण गर्मी के साथ ही जलदाय विभाग के अफसरों के सिर से पसीना टपकना तेज हो गया है। बीसलपुर बांध ( Bisalpur dam ) में अगस्त की बजाय जुलाई तक का ही पानी होने से ऐसा हुआ है। अब अफसर मौसम विभाग के संपर्क में आ गए हैं और मानसून आने की जानकारी ली जा रही है। आठ साल बाद यह हालात हुए हैं। इससे जयपुर के अलावा अजमेर, टोंक के लिए भी परेशानी बढ़ती जा रही है।
बांध से हर दिन करीब 1150 एमएलडी पानी की आपूर्ति शहरों को हो रही है। बांध का जल स्तर अब 306.57 आरएल मीटर जलस्तर है। इसमें कुल भराव क्षमता का दस फीसदी पानी बचा है। जबकि, उच्चाधिकारी 15 अगस्त तक का पानी होने का तर्क देते रहे हैं और इसी आधार पर पेयजल वितरण की प्लानिंग की गई। पिछले वर्ष अगस्त में 30 प्रतिशत पेयजल कटौती शुरू की गई थी, जो बढ़ती जा रही है। बांध वर्ष 2010 में सूख चुका है।
अंतर को पाटने के लिए ट्यूबवेल
—273 पुराने बंद पड़े ट्यूबवैल का संचालन— 42 एमएलडी पानी
—279 नए और ट्यूबवैल— 40 एमएलडी पेयजल
—453 नए और ट्यूबवैल— 70 एमएलडी पानी
(152 एमएलडी पानी जमीन से खींचेंगे। अभी तक इन ट्यूबवेल से 80 एमएलडी खींच रहे, जबकि, करीब 8 करोड़ लीटर भूजल पहले से लिया जाता रहा है। 10 जुलाई तक सारे ट्यूबवेल खुदाई का अल्टीमेटम)
कहां कितना पानी सप्लाई
—जयपुर शहर को कटौती के बाद बांध से हर दिन 330 एमएलडी पानी लिया जा रहा है, जबकि पहले यह 300 एमएलडी ही था। मालपुरा व दूदू के 600 गांवों व सात कस्बों में 300 एमएलडी पानी।
—अजमेर शहर, नसीराबाद, किशनगढ़, केकड़ी, ब्यावर, पुष्कर, विजयनगर सहित अन्य जगह दो से तीन दिन में 250 एमएलडी पानी सप्लाई कर रहे हैं।
—टोंक, देवली, उनियारा व इससे जुड़े इलाकों में 17 एमएलडी पानी।
सिंचाई में पानी बंद..
बांध में कम पानी के चलते इस बार सिंचाई के लिए नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। जबकि, पिछले कई वर्ष से पानी देने का सिलसिला चलता रहा।
Published on:
27 May 2019 06:13 pm
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