
जयपुर। पिंकसिटी का सालभर कंठ तर करने वाला बीसलपुर बांध इस बार जमकर छलक रहा है। आज लगातार छठे दिन भी बांध के छह गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। हालांकि बांध में पानी की आवक थोड़ी धीमी जरूर हुई है लेकिन उच्चतम जलस्तर छूने के बाद आवक हो रहे पानी को बनास नदी में छोड़ा जा रहा है। नदी में पानी की बंपर आवक से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। बांध से अभी तक करीब 12 टीएमसी से ज्यादा पानी बनास नदी में छोड़ा जा चुका है।
बांध स्थित कंट्रोल रूम की सूचना के अनुसार बांध के छह गेट अब भी खुले हैं। गेट संख्या 7 से 12 का खोलकर प्रति सेंकेंड 24040 क्यूसेक पानी की निकासी बनास नदी में हो रही है। चार गेट आधा- आधा मीटर और दो गेट एक- एक मीटर उंचाई तक खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। बंध के कैचमेंट एरिया में लगभग 20 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। बांध की कुल जलभराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर पर जलस्तर मेंटेन होने के बाद आवक हो रही पानी की मात्रा को बनास नदी में छोड़ा जा रहा है। बीसलपुर बांध छलकने पर इस बार जहां जयपुर, अजमेर और टोंक जिलों को पेयजल के लिए भरपूर पानी मिलने वाला है वहीं बांध क्षेत्र के नजदीक बसे किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं।
बीसलपुर बांध एक नजर में
बीसलपुर डेम में कुल 18 गेट हैं जो 15गुना 14 मीटर साइज के बनाए गए हैं।
बांध की लंबाई 576 मीटर व समुद्रतल से उंचाई 322.50 मीटर है।
बांध का जलभराव क्षेत्र 25 किमी है जिसमें से कुल 21 हजार 30 हैक्टेयर भूमि जलमग्न रहती है।
बीसलपुर बांध से टोंक जिले में सिंचाई के लिए दायीं व बायीं दो मुख्य नहरों का निर्माण वर्ष 2004 में पूर्ण हुआ था।
दायीं नहर की लंबाई 51 व बायीं नहर की लंबाई 18.65 किमी है। जिनसे टोंक जिले की 81 हजार 800 हैक्टेयर भूमि सिंचित होती है।
दायीं मुख्य नहर से 69 हजार 393 हैक्टेयर व बायीं से 12 हजार 407 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई कार्य होता है।
कहां कितनी जलापूर्ति
अभी जयपुर शहर को रोजाना 500 एमएलडी से ज्यादा पानी सप्लाई हो रहा है। इसी से जुड़ी मालपुरा.दूदू पाइप लाइन से 600 गांव व सात कस्बों में भी रोजाना जलापूर्ति होती है। झिराना- चाकसू पाइप लाइन से 984 गांव व कुछ कस्बों में पानी की आपूर्ति की जाती है।
अजमेर शहर समेत 1100 से ज्यादा गांव, नसीराबाद, ब्यावर, किशनगढ़,केकड़ी, सरवाड़, पुष्कर, विजयनगर समेत 8 कस्बों में बांध से रोजाना जलापूर्ति होती है।
टोंक समेत देवली, उनियारा कस्बों व इससे जुड़े 436 से ज्यादा गांवों और 773 ढाणियों भी बांध से रोजाना जलापूर्ति होती है।
Updated on:
11 Sept 2024 09:35 am
Published on:
11 Sept 2024 09:34 am
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