1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बीसलपुर को लेकर बड़ी खबर, आज 3 बजे तक खोले जा सकते हैं बांध के गेट, गांवों में जारी किया अलर्ट

Bisalpur Dam Latest Update: जल संसाधन विभाग के अनुसार बीसलपुर बांध ( Bisalpur Dam ) में पानी की आवक लगातार जारी है जिसे देखते हुए आज 3 बजे तक बांध के गेट ( Bisalpur Dam Gates Open ) खोले जा सकते हैं...

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Dinesh Saini

Aug 19, 2019

bisalpur dam

राजमहल। सोमवार को बीसलपुर बांध में हिलोरे लेता पानी।

जयपुर। जयपुर। मानसून इस बार प्रदेश में खुशियां लेकर आया है। अच्छी बारिश से सालों से पानी का इंतजार कर रहे कई बड़े बांध पूरी तरह से लबालब होकर छलग गए हैं। वहीं प्रदेश के सबसे प्रमुख बांध बीसलपुर ( Bisalpur Dam) से भी खुशखबरी है। बीसलपुर बांध अब अपने पूर्ण भराव से सिर्फ कुछ ही कदमों की दूरी पर है।

बीसलपुर बांध के कंट्रोल रूम के अनुसार बांध का गेज सोमवार सुबह 10:00 बजे तक 315.41 आरएल मीटर दर्ज किया गया है जिसमें 38.070 टीएमसी पानी का भराव हो चुका है। बांध के कुल जलभराव 315.50 आरएल मीटर में महज 9 सेमी पानी की आवक बाकी रह गई है। बीसलपुर बांध परियोजना ने दोपहर 3:00 बजे तक बांध के गेट खोल कर बनास में पानी की निकासी ( Bisalpur Dam Gates Open ) की योजना बना ली है। जिसको लेकर जिला कलेक्टर टोंक सहित देवली, टोडारायसिंह व टोंक उपखंड के प्रशासन को अवगत करवाकर गेट खोलने से पूर्व बनास नदी के किनारे पर बसे गांव के लोगों को चेतावनी जारी कर दी गई है कि कोई भी नदी पेटे में नहीं जाए और ना ही अपने मवेशी या अन्य सामान आदि नदी क्षेत्र में नहीं ले जाएं। जिससे जनहानि से बचा जा सके। अभी बांध में कुल जलभराव का 98.36 प्रतिशत पानी का भराव हो चुका है, वहीं बांध में त्रिवेणी से पानी की आवक जारी है। इसी प्रकार जलभराव में सहायक खारी वह डाई नदियों सेभी बांध में पानी की आवक लगातार बनी हुई है।

गौरतलब है कि पहली बार बांध के गेट 2004 में खोले गए थे। इसके बाद 2010, 2014 और 2016 में बांध के गेट खोले गए थे। फिर इस बार बांध के गेट खोले जाने की संभावनाएं प्रबल होती जा रह है। वर्ष 2016 में जब बांध छलका तो उस समय बांध के 18 में से 16 गेट खोलकर पानी की निकासी चंबल में की गई थी। वहीं इस बार बांध फिर से छलकने वाला है। लेकिन पानी की धीमी गति से हो रही आवक और जयपुर, अजमेर, टोंक और दौसा जिलों को रूटीन पेयजल आपूर्ति में डेम का जलस्तर तीन सेंटीमीटर तक कम भी हो रहा है।