
बीसलपुर प्रोजेक्ट के इंजीनियरों की लचर कार्यशैली से पृथ्वीराज नगर में बीसलपुर का पानी उपलब्ध कराने के लिए बने प्रोजेक्ट वर्षों बाद भी अधूरे हैं। अप्रेल-2020 में शुरू हुआ 563 करोड़ रुपए की लागत वाला बीसलपुर-पृथ्वीराज पेयजल प्रोजेक्ट तय समय से एक वर्ष बाद भी पूरा नहीं हुआ है। प्रोजेक्ट के तहत पानी की 18 टंकी बननी थी, लेकिन अभी तक 7 का ही निर्माण पूरा हो सकता है। इन टंकियों से पानी की सप्लाई भी शुरू हो चुकी है। शेष 11 टंकी से पानी की सप्लाई का इंतजार बढ़ता जा रहा है।
छह में से दो ही पम्प हाउस बने
प्रोजेक्ट के तहत छह पम्प हाउस के निर्माण प्रस्तावित हैं। अभी तक वर्धमान सरोवर और कनक वृंदावन पम्प हाउस ही शुरू हुए हैं। प्रोजेक्ट इंजीनियर पम्प हाउस के संचालन के लिए बिजली कनेक्शन तक नहीं ले सके हैं। चार पंप हाउस का संचालन शुरू होने में अभी कम से कम छह महीने लगने की बात प्रोजेक्ट के इंजीनियर ही दबी जुबान स्वीकार कर रहे हैं।
दावा-प्रोजेक्ट अप्रेल में हो जाएगा पूरा
इंजीनियरों का दावा है कि इसी साल अप्रेल में प्रोजेक्ट का काम पूरा हो जाएगा और पृथ्वीराज नगर की करीब 1 लाख 75 हजार की आबादी को बीसलपुर का पानी मिलने लगेगा। लेकिन प्रोजेक्ट के अभी जो हालात हैं, उस हिसाब से इस दावे पर संशय हो रहा है।
सांगानेर को छोड़ झोटवाड़ा ले गए पानी
कांग्रेस सरकार के दौरान पानी की सप्लाई सबसे सांगानेर क्षेत्रके सुंदर विहार, निधि विहार समेत चार जोन में होनी थी। लेकिन झोटवाड़ा से कांग्रेस के विधायक रहे मंत्री लालचंद कटारिया के दबाव में ऐनवक्त पर सांगानेर को छोड़ पानी झोटवाड़ा ले जाया गया। लोगों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
पहले फेज को भूल दूसरे फेज पर फोकस
प्रोजेक्ट के इंजीनियर अब प्रोजेक्ट के फेज-प्रथम को भूल, द्वितीय फेज के तहत 46 टंकियों के निर्माण पर फोकस कर रहे हैं। जबकि फेज-प्रथम में अभी तक कई पंप हाउस को बिजली कनेक्शन नहीं मिला है।
Published on:
28 Feb 2024 11:05 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
