जयपुर. बिन पानी सब सून…लेकिन भीषण गर्मी के बीच बार-बार लिया जा रहा पानी का शटडाउन शहर की करीब 40 प्रतिशत आबादी के लिए मुश्किलें पैदा कर रहा है। कारण राजधानी के अधिकांश इलाकों में पानी के स्टोरेज की पर्याप्त व्यवस्था ही नहीं है। ये वो इलाके हैं जहां निम्न व मध्यम वर्ग की बड़ी आबादी बसी है।परेशानी तब और बढ़ जाती है, जब जलदाय विभाग शटडाउन की घोषणा तो करता है लेकिन इन इलाकों के लिए विभाग के पास भी कोई एक्शन प्लान ही नहीं होता। पत्रिका पड़ताल में सामने आया कि बीसलपुर परियोजना और शहर में तैनात जलदाय इंजीनियरों ने पिछले कुछ सालों में राजधानी में पेयजल आपूर्ति बढ़ाने में तो खूब रुचि ली, लेकिन स्टोरेज बढ़ाने पर कभी ध्यान ही नहीं दिया।
यह नियमः 50 फीसदी होनी चाहिए स्टोरेज क्षमता
बीसलपुर सिस्टम से शहर के लिए प्रतिदिन 500 एमएलडी पानी की आपूर्ति होती है। जितनी सप्लाई होती है उसका 50 प्रतिशत तक पानी के स्टोरेज की व्यवस्था होनी चाहिए। बीसलपुर सिस्टम के स्टोरेज की बात करें तो बालावाला में 60 एमएलडी और जवाहर सर्कल पर 15 एमएलडी पानी के स्टोरेज की व्यवस्था है। वहीं शहर में भी 200 एमएलडी से ज्यादा स्टोरेज की कहीं व्यवस्था नहीं है। ऐसे में खमियाजा शहर के लोगों को उठाना पड़ रहा है।
हकीकतः 24 घंटे में मच जाता हाहाकार
बीसलपुर सिस्टम से कुछ महीनों के अंतराल पर किसी न किसी कारण से शटडाउन लिया जा रहा है। इंजीनियर शटडाउन के दौरान वैकल्पिक इंतजाम का दावा करते हैं। लेकिन जितना पानी स्टोर किया जाता है वह एक समय की सप्लाई में ही खत्म हो जाता है। दूसरी सप्लाई में बूंद-बूंद आता है और अगले दिन पानी के लिए हाहाकार मच जाता है।
और फिरः जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा
पत्रिका ने शहर में तैनात जलदाय विभाग के इंजीनियरों व बीसलपुर प्रोजेक्ट के इंजीनियरों से स्टोरेज व्यवस्था को लेकर पूछताछ की तो वे एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते दिखे। जलदाय इंजीनियरों ने कहा कि बीसलपुर प्रोजेक्ट के तहत स्टोरेज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उधर, बीसलपुर प्रोजेक्ट के इंजीनियरों ने कहा कि शहर में पर्याप्त स्टोरेज की व्यवस्था नहीं है। हम स्टोरेज की क्षमता बढ़ा भी लें तो पानी का क्या करेंगे।
काशः नहीं बहता 4 करोड़ लीटर पानी
हाल ही बीसलपुर सिस्टम की लाइन में आए लीकेज की मरम्मत के लिए लाइन खाली की गई। लाइन से 4 करोड़ लीटर पानी बांडी नदी में व्यर्थ बहा दिया गया। अगर स्टोरेज की व्यवस्था होती तो इस पानी को बचाया जा सकता था।
—
फैक्ट फाइल
40 लाख के लगभग है शहर की आबादी
500 एमएलडी से ज्यादा पानी की सप्लाई
110 एमएलडी स्टोरेज क्षमता उत्तर सर्कल में
100 एमएलडी से ज्यादा स्टोरेज क्षमता दक्षिण सर्कल में
69 एमएलडी स्टोरेज की क्षमता बालावाला और जवाहर सर्कल पंप हाउस पर
24 घंटे में एक बार सप्लाई होती है शहर में