
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने गुरुवार को यहां कलक्ट्रेट पर महापड़ाव में केन्द्र की मोदी सरकार और राज्य की वसुंधरा सरकार पर जमकर निशाने साधे। उन्होंने भाजपा को आरएसएस की संतान करार दिया।
यहां कलक्ट्रेट पर आवास अधिकार संघर्ष मंच, कच्ची बस्ती फैडरेशन और आदिवासी एकाधिकार मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित धरना-प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए माणिक सरकार ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार ने सौ दिन में काला धन वापस लाने का वादा किया था, लेकिन 365 दिन बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल पूंजीपतियों और बड़े घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए बार-बार लाया जा रहा है। यह किसान विरोधी बिल है और किसान विरोधी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि केन्द्र में मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार आने से तानाशाह प्रवृति बढ़ी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जनता को अच्छे दिन लाने का सपना दिखाया था,
जो केवल छलावा निकला। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र की नीतियां जन विरोधी हैं। प्रधानमंंत्री विदेश यात्राएं कर रहे हैं, लेकिन इन यात्राओं से जनता का पेट भरने वाला नहीं है।
उन्होंने राज्य में वसुंधराराजे के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि राज्य सरकार आदिवासियों की विरोधी है।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने भाजपा को आरएसएस की संतान करार दिया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इजराइल से हथियार खरीद रही है। जबकि इजराइल हथियार बिक्री से मिलने वाले पैसों से अपने यहां फिलीस्तानी आंदोलन को दबा रहा है।
महापड़ाव में सुदूर आदिवासी इलाकों से बड़ी संख्या में महिला-पुरूष पहुंचे। दूर-दराज से आए आदिवासी वामपंथी नेता को सुनने के लिए चिलचिलाती धूप में कलक्ट्रेट पर जमे रहे।
बड़ी खबरें
View Allट्रेंडिंग
