जयपुर. राजस्थान फार्मेसी काउंसिल में फर्जी दस्तावेज के आधार पर पंजीकरण के मामले सामने आने के बाद अब वर्ष 2018 में भाजपा सरकार के समय निकाली गई फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा को निरस्त कर इसे लिखित रूप में कराने के लिए संशोधित विज्ञप्ति जारी करने की मांग शुरू हो गई है। वर्ष 2018 में निकली इस भर्ती की परीक्षा के लिए पांच बार तारीखें जारी गई थी, लेकिन उसे निरस्त कर वन टाइम मेरिट से भर्ती का निर्णय कर लिया गया। लेकिन फर्जी डिप्लोमा की भरमार के कारण यह भर्ती पूरी नहीं हो पाई।