
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सीएम भजनलाल शर्मा। फाइल फोटो- पत्रिका
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के रिफाइनरी से जुड़े बयानों पर कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र में भाजपा की सरकार पिछले 12 साल से और राज्य में करीब ढाई साल से सत्ता में है, तो अब तक किसी भी कथित भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
गहलोत ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि रिफाइनरी प्रोजेक्ट में देरी के लिए भाजपा जिम्मेदार रही है और अब जल्दबाजी में उद्घाटन की कोशिशों के चलते हुई दुर्घटना से ध्यान हटाने के लिए भ्रामक बयान दिए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि घटना के दो दिन बाद तक सरकार ने आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया कि आग लगने की असली वजह क्या थी। गहलोत ने मुख्यमंत्री के उस दावे को भी गलत बताया, जिसमें कहा गया था कि रिफाइनरी में राज्य सरकार की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप से तय हुई।
गहलोत के अनुसार, यह हिस्सेदारी तो साल 2013 में शिलान्यास के समय से ही तय थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेताओं के बयान यह दर्शाते हैं कि उन्हें इस परियोजना की बुनियादी जानकारी भी नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि भाजपा की ओर से ऐसे बयान आ रहे हैं, जिससे पता चलता है कि इन्हें रिफाइनरी की 'एबीसीडी' भी मालूम नहीं है। उनके बयान इसी बात को सिद्ध करते हैं।
वहीं दूसरी ओर, चूरू में आयोजित शौर्य दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रिफाइनरी में आग की घटना पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया था। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी का उद्घाटन प्रस्तावित था, लेकिन आग लगने के कारण कार्यक्रम टालना पड़ा। इसके बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय इस परियोजना को लंबे समय तक ठंडे बस्ते में रखा गया। उन्होंने कहा कि साल 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से इस प्रोजेक्ट को फिर से गति मिली। साथ ही, उन्होंने अशोक गहलोत सरकार पर रिफाइनरी के नाम पर अनियमितताओं और जमीन सौदों में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए।
Published on:
22 Apr 2026 09:36 pm
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