
अश्विनी भदौरिया.जयपुर। ग्रेटर नगर निगम में सियासी उठापटक के बीच मामला प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया तक पहुंच चुका है। शनिवार को उनके आवास पर चुनिंदा चेयरमैन बुलाए गए। पहले एक—एककर समिति अध्यक्षों की बात को सुना गया और उसके बाद तय हुआ कि कमेटी का गठन किया जाएगा।
ऐसा माना जा रहा है कि जिला अध्यक्ष राघव शर्मा कमेटी के नामों पर फैसला करेंगे। प्रदेश के किसी वरिष्ठ पदाधिकारी को जिम्मेदारी दी जा सकती है। ये कमेटी दोनों पक्षों की बात सुनकर फैसला लेगी।
बैठक में पूनिया ने समिति अध्यक्षों से यहां तक कहा कि यदि बोर्ड अच्छे से काम करेगा तो आगामी विधानसभा चुनाव में इसका पार्टी को फायदा होगा। प्रदेश अध्यक्ष निगम की इस आपसी लड़ाई से परेशान नजर आए। सूत्रों की मानें तो उन्होंने यहां तक कह दिया कि निगम का झगड़ा सुलझने का काम नहीं ले रहा है। ऐसा लगता है कि बोर्ड पर ग्रहण लगा हुआ है।
दरअसल, साधारण सभा की बैठक में कार्य संचालन समितियों पर विचार विमर्श के प्रस्ताव के बाद समिति अध्यक्षों ने संगठन को इस प्रकरण के बारे में अवगत कराया। जिला अध्यक्ष राघव शर्मा के बाद प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया तक मामले को पहुंचाया गया।इस बैठक के लिए पूनिया ने सिर्फ 15 मिनट का समय दिया था, लेकिन 11 बजे शुरू हुई बैठक 11:45 बजे जाकर खत्म हुई।
इन प्रकरणों पर हुई चर्चा
—कार्यवाहक महापौर शील धाभाई के कार्यकाल में होटल में भाजपा पार्षदों की बैठक।
—संकल्प पत्र को लेकर संगठन को जानकारी नहीं दी गई।
—पार्षदों की इस निर्णय में विधायकों की क्या भूमिका है।
विद्याधर नगर के तीन पार्षदों ने की शुरुआत
सूत्रों की मानें तो संकल्प पत्र भरवाने की शुरुआत विद्याधर नगर क्षेत्र से हुई। तीन पार्षदों ने कुछ पार्षदों के घर जाकर इस संकल्प पात्र पर हस्ताक्षर करवाए। कई पार्षदों ने निगम मुख्यालय में आकर हस्ताक्षर किए।
Published on:
10 Apr 2022 01:40 pm
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