
प्रकाश कुमावत / जयपुर। आम जनता तो दूर मंत्रियों और विधायकों तक की मांगे भी इस सरकार में पूरी नहीं की जा रही है। हालात एेसे हैं कि सार्वजनिक समारोह में वे अब अपनी पीड़ा जता रहे हैं। शनिवार को कावंटिया अस्पताल में ब्लड बैंक, आईवीएफ सेंटर और इकोकार्डियोग्राफी लैब के लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता कर रहे सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने क्षेत्रवासियों की पीड़ा जताते हुए चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ से कावंटिया अस्पताल में ट्रोमा सेंटर, कार्डियोलॉजी के विशेषज्ञ और अंडरग्राउंड पार्किंग की मांग की। उन्होंने यह कहते हुए कि जयपुरिया अस्पताल तो आपका बेटा है। आप कांवटिया को भी गोद ले लो। इस बात के संकेत भी दे दिए कि मंत्री दूसरे क्षेत्रों के अस्पतालों से कैसा व्यवहार कर रहे हैं।
इसी तरह से विधायक मोहनलाल गुप्ता ने जनता की पीड़ा उजागर करते हुए कहा कि यहां गंभीर मरीज आते ही उसे तत्काल एसएमएस रैफर कर देते हैं। मरीजों को रैफर करने के बजाय उनका ईलाज कांवटियां में ही होना चाहिए। लगे हाथ अस्पताल के अधीक्षक लीनेश्वर हर्षवर्धन ने भी कार्यक्रम में ही चार शव की क्षमता वाले डीफ्रीज की मांग कर डाली।
मंत्री ने माना, अपेक्षानुरूप नहीं हो डिलीवरी व सर्जरी
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने समारोह में स्वीकार करते हुए कहा कि इस अस्पताल में अपेक्षानुरूप डिलीवरी और सर्जरी नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि यहां प्रतिदिन चार हजार की ओपीडी है। अस्पताल के विस्तार पर कहा कि जेडीए ने तो अस्पताल के लिए जमीन उपलब्ध करवा दी। उन्होंने सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री चतुर्वेदी व विधायक गुप्ता की तरफ इशारा करते हुए कहा कि निगम से जमीन ले लो, फिर चाहे जितना पैसा इसके विकास के लिए मुझसे ले लो।
ये थे मौजूद
कालीचरण सराफ, अध्यक्षता-अरूण चतुर्वेदी, अति मुख्य सचिव वीनू गुप्ता, सचिव आनंद कुमार, एसएमएस प्रधानाचार्य यू एस अग्रवाल, अतिरिक्त प्रधानाचार्य दीपक माथुर, चिकित्सा निदेशक वीके माथुर, कांवटिया अस्पताल के अधीक्षक लीनेश्वर हर्षवर्धन, प्रताप आईवीएफ एंड फर्टीलिटी सेंटर कावंटिया अस्पताल की निदेशक डॉ सुमन तंवर आदि।
Published on:
10 Feb 2018, 8:24 PM IST
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