
कांग्रेस नेता गोविन्द सिंह डोटासरा (फाइल फोटो पत्रिका)
Kanwarlal Meena Update : आखिरकार भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा विधायकी चली गई। कांग्रेस नेता गोविन्द सिंह डोटासरा ने अपने सोशल अकांउट X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा सत्यमेव जयते। कांग्रेस पार्टी के भारी दबाव एवं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के द्वारा हाई कोर्ट में 'कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट' की अर्जी पेश करने के बाद आखिरकार भाजपा के सजायाफ्ता विधायक कंवर लाल की सदस्यता रद्द करनी पड़ी। लोकतांत्रिक व्यवस्था में संविधान सर्वोपरि है। कांग्रेस पार्टी यह बात बार-बार RSS-BJP के नेताओं बताती रहेगी और उन्हें मज़बूर करेगी वो संविधान के मुताबिक काम करें।
कांग्रेस नेता गोविन्द सिंह डोटासरा ने आगे लिखा क़ानून के मुताबिक भाजपा विधायक कवंरलाल को कोर्ट से 3 साल की सजा होते ही उनकी सदस्यता रद्द कर देनी जानी चाहिए थी। लेकिन कोर्ट के आदेश के 23 दिन बाद भी भाजपा के सजायाफ्ता विधायक की सदस्यता विधानसभा अध्यक्ष द्वारा रद्द नहीं की गई।
डोटासरा ने लिखा विपक्ष के ज्ञापन सौंपने एवं चेताने के बाद भी विधानसभा अध्यक्ष दंडित विधायक को बचाते रहे। इस दौरान उन्होंने एक अभियुक्त को बचाने के लिए न सिर्फ पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया बल्कि संवैधानिक प्रावधानों एवं कोर्ट के आदेश की अवहेलना की। लेकिन अंतत: जीत सत्य की हुई और कंवरलाल की सदस्यता रद्द करनी पड़ी, क्योंकि देश में क़ानून और संविधान की पालना कराने के लिए कांग्रेस की सेना मौजूद है। एक देश में दो कानून नहीं हो सकते।
Updated on:
23 May 2025 02:57 pm
Published on:
23 May 2025 02:57 pm
