जवाब- पहले के वर्षों में राजस्थान मेें एक अलग अनुभूति थी। गौरव, शौर्य, वीरता की प्रतीक भूमि है, अब अराजकता, कट्टरता की बदहाली की परिस्थितियां हैं। यहां साम्प्रदायिक तनाव और कट्टरपंथ का कोई स्थान नहीं था, वह चार साल में बढ़ा है। इस देश में नारे लगे सर तन से जुदा और यहां सर तन से जुदा हो गया। उसके बाद पीएफआई की रैली को अनुमति दी गई। उस पार्टी की सरकार है जो दावा गरती है कि गांधी की विरासत की एकमेव कॉपीराइट उनके पास है।