जयपुर। इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां भाजपा ने तेज कर दी है। संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक कदम उठाते हुए पार्टी ने 15 से 28 फरवरी तक पूरे प्रदेशभर में पन्ना प्रमुख अभियान चलाने की घोषणा की है। इस अभियान के तहत 11 लाख से अधिक पन्ना प्रमुखों की नियुक्ति की जाएगी। पार्टी का मानना है कि इन पन्ना प्रमुखों के दम पर ही चुनाव की वैतरणी पार की जाएगी। प्रदेश के मंडलों एवं शक्ति केन्द्रों के माध्यम से पन्ना प्रमुख अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत प्रदेश के कोर कमेटी के सदस्यों से लेकर प्रदेश व जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं को पन्ना प्रमुख बनाए जाएंगे।
क्या होता है पन्ना प्रमुख
पन्ना मतलब पेज यानी वोटर लिस्ट का एक पेज, जिसके लिए बीजेपी पन्ना प्रमुख बनाती है। हर राज्य में वोटर लिस्ट के हर पेज के लिए बीजेपी का एक कार्यकर्ता पन्ना प्रमुख होता है। एक पन्ने में करीब 30 वोटर्स के नाम होते हैं। पन्ना प्रमुख की जिम्मेदारी अपने पन्ने में दर्ज वोटर्स से संपर्क करने की होती है। वह यह सुनिश्चित करते हैं कि ये सभी वोटर्स पोलिंग के दिन वोट डालने पोलिंग बूथ जाएं। पोलिंग वाले दिन भी बीजेपी हर पन्ना प्रमुख से चेक करती रहती है कि उनकी जिम्मेदारी वाले पन्ने से कितने लोग वोट डालने गए। पोलिंग के दिन सुबह से ही पन्ना प्रमुखों का काम होता है कि वह फोन कर या किसी और माध्यम से अपने पन्ने के वोटर्स को याद दिलाएं कि उन्हें वोट करने जाना है।
गुजरात मॉडल है पन्ना प्रमुख
गुजरात में ढाई दशक से ज्यादा वक्त से बीजेपी की सरकार इन्हीं पन्ना प्रमुख के दम पर बनती आई है। गुजरात में पन्ना प्रमुख कई सालों से बीजेपी को एक मुश्त वोट दिलाते रहे हैं। पीएम मोदी भी इनकी तारीफ कर चुके हैं। अब राजस्थान में भी पार्टी इसी मॉडल पर काम करेगी।