
सतीश पूनियां की भावुक पोस्ट, माना उप चुनाव की हार हमारी रणनीतिक कमजोरी थी
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। तीन साल पहले आज ही दिन पूनियां के नाम की घोषणा हुई थी। उनके तीन साल के कार्यकाल में पार्टी को उप चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। हालांकि खुद पूनियां ने स्वीकार किया है कि रणनीतिक कमजोरी की वजह से उन्हें यह हार मिली। पूनियां ने तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर सोशल मीडिया पर भावुक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने सभी का आभार जताया है।
पूनियां ने उप चुनाव में भाजपा की हार को लेकर कहा कि सफलता-विफलता जीवन व जगत का सत्य है। मैं मानता हूं कि उपचुनाव में हमारी कुछ रणनीतिक कमजोरी रही और कांग्रेस को बोलने का अवसर ज़रूर मिला, लेकिन हमने उसकी भरपाई पंचायती राज विशेषकर ज़िला परिषद में बहुमत हासिल करके पूरी कर ली और पहली बार किसी विपक्षी दल को ऐतिहासिक बढ़त मिली। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर कार भी इस पत्र में उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा कि जब पीछे देखता हूँ, तो दिखता है कि दो वर्ष तो कोरोना से लड़ने की चुनौतियों में ही बीते, लेकिन इस बात का भी गौरव है कि मैं एक ऐसे राजनीतिक परिवार का नेतृत्व कर रहा हूँ, जो स्वभाव और संस्कार से सेवाभावी है। आपको बता दें कि सतीश पूनिया का मनोनयन 3 साल पहले 14 सितंबर, 2019 को किया गया था। वही प्रदेशाध्यक्ष पद पर उनका निर्वाचन दिसंबर 2019 को हुआ था। उनके तीन साल के कार्यकाल में 8 सीटों पर उप चुनाव हुए हैं, जिसमें 6 सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है।
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राजनीति में विरोध-मतभेद, आलोचना और समालोचना का भी स्थान
पूनियां ने लिखा कि राजनीति में विरोध, मतभेद, आलोचना और समालोचना का भी एक स्थान है। उसको अन्यथा लेने का कोई कारण नहीं है। मैंने कई बार आलोचनाओं से भी सीखा है और मैं आगे बढ़ा हूं। मैं 35 वर्षों से संगठन का काम निरंतरता से करता रहा हूँ, इसलिए कभी किसी पोर्टफ़ोलियो पर नहीं रहा।
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चुनाव तक अध्यक्ष बने रहने की इच्छा
पूनियां ने कहा कि मेरी अपनी कोई महत्वाकांक्षा नहीं है, जैसा यदा-कदा प्रचारित किया जाता है। हां, यह मंशा ज़रूर है कि अध्यक्ष का दायित्व निर्वहन करने में इस प्रकार निरत रहूृं, पार्टी राजस्थान में दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा हासिल करे और श्रेष्ठ आदर्श व दिशादृष्टि की ओर अग्रसर हो। इसके लिए मैं अपनी समस्त ऊर्जा व प्रतिबद्धता से प्रयत्न व परिश्रम कर रहा हूं, कामना यही है कि अपने कर्म में सेवा के धर्म में निरंतर निरत रहूं।
Published on:
15 Sept 2022 05:53 pm
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