
- व्यावसायिक फसल अफीम पर खिल रहे फूल
जयपुर। प्रतापगढ़ जिले में प्रमुख रूप से व्यवसायिक फसल अफीम पर इन दिनों फूल खिलने लगे हैं। ऐसे में खेतों के पास हवा में मादकता की गंध भी घुलने लगी है। वहीं अति संवेदनशील फसल की रखवाली में किसान भी खेतों पर रहने लगे हैं। इसके लिए किसानों ने खेतों पर ही आशियाने बना लिए है। इस वर्ष नारकोटिक्स विभाग की ओर से जिले में कुल आठ हजार 38 किसानों को बुवाई के लाइसेंस दिए थे। जिसमें से 11 किसानों ने अफीम फसल की बुवाई नहीं की है। इस प्रकार जिले के 246 गांवों के कुल आठ हजार 27 खेतों में अफीम की फसल लहलहा रही है। जहां किसानों ने फसल की पूर्ण रूप से सुरक्षा की है।
किसान कर रहे खेतों की रखवाली
किसान वर्ग अपने खेतों पर ही आशियानें बनाकर रहने लगे है। जिससे फसल की पशु-पक्षी आदि से सुरक्षा की जा सके। नारकोटिक्स विभाग की ओर से इस वर्ष कुल आठ हजार 38 किसानों को अफीम बुवाई के लाइसेंस दिए गए थे। जिसमें 247 गांवों में किसानों ने बुवाई की है। इनमें से 11 किसानों ने बुवाई नहीं की है। ऐसे में जिले में अभी आठ हजार 27 किसानों ने बुवाई की है।
चीरा लगाने के 2964 लाइसेंस जारी
नारकोटिक्स विभाग की ओर से प्रतापगढ़ खंड में चार तहसीलों को शामिल किया गया है। इसमें प्रतापगढ़, अरनोद, दलोट, सुहागपुरा और पीपलखूंट तहसील शामिल है। विभाग की ओर से इनमें कुल 157 गांवों को शामिल किया है। इनमें से यहां चीरा लगाने के कुल 2964 लाइसेंस दिए गए थे। जिसमें से 3 किसानों नेे अफीम फसल की बुवाई नहीं की है। सीपीएस के तहत 1261 किसानों को भी लाइसेंस दिए गए थे। जिसमें से तीन किसानों ने बुवाई नहीं की है। ऐसे में इस वर्ष कुल 4225 किसानों को लाइसेंस मिले थे। ऐसे में अभी कुल 4219 किसानों ने अफीम फसल की बुवाई की है।
छोटी सादड़ी में 653 लाइसेंस जारी
विभाग की ओर से छोटीसादड़ी क्षेत्र को अलग खंड बनाया गया है। इसमें इस वर्ष कुल 3813 किसानों को लाइसेंस दिए गए थे। इनमें से चीरा लगाने के कुल 3160 लाइसेंस है। वहीं सीपीएस के तहत 653 किसानों को लाइसेंस दिए गए थे। इनमें से कुल पांच किसानों ने बुवाई नहीं की है। ऐेसे में यहां कुल 89 गांवों में 3808 किसानों ने बुवाई की है।
Published on:
01 Feb 2025 11:18 am
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