
जयपुर। एसएमएस असपताल में आज सवेरे जांच के दौरान एक मशीन धमाके के साथ फट गई। धमाका इतना तेज था कि आसपास के वार्ड के मरीज और डॉक्टर एक बार तो अपने-अपने वार्डों से बाहर निकल आए। बाद में जब माजरा समझ आया तो अस्पताल स्टाफ और डॉक्टरों ने घायलों को संभाला।
दरअसल आज सवेरे एसएमएस अस्पताल में हर दिन की तरह मरीजों के सैंपल की जांच हो रही थी। जांच के दौरान सेंट्रीफ्यल मशीन के जरिये जांच की जा रही थी कि अचानक मशीन में धमाका हो गया। जिस समय जांच की जा रही थी उस समय वहां पर चार लैबकर्मी मौजूद थे।
धमाके के चलते राहुल और बनवारी नाम के दो लैबकर्मी गंभीर घायल हो गए। दोनो घायलों को ट्रोमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। जिस लैब में धमाका हुआ है फिलहाल उसे सील कर दिया गया है। इस बारे में पुलिस और अस्पताल अधीक्षक को भी जानकारी दी गई है। फिलहाल अस्पताल अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं। अस्पताल स्टाफ मशीन पुरानी हो चली थी उसे जल्दी बदला जाना था।
वहीं मांगों को लेकर प्रदेश के 10 हजार सेवारत चिकित्सक आज अवकाश पर प्रदेश के सरकारी अस्पताल और मौसमी बीमारियों से घिरे मरीज अभी लैब टैक्निशियन की हड़ताल से हुई अव्यवस्थाओं से उबरे भी नहीं थे कि आज फिर मरीजों को इन अस्पतालों में सेवारत चिकित्सकों के एक दिन के सामूहिक अवकाश की मार झेलनी पड़ रही है। प्रदेश भर के दस हजार से ज्यादा सेवारत चिकित्सक आज अपनी 33 सूत्री मांगों को लेकर एक दिन के सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। आज सुबह प्रदेश भर के स्वास्थ्य केन्द्रों से लेकर जिला अस्पतालों में आउटडोर शुरू होते ही मरीज पहुंचे तो वहां उनको एक ही जवाब मिला कि कल आना आज तो डॉक्टर साहब छुट्टी पर है।
ऐसे हालात में पूरे प्रदेश के सरकारी चिकित्सा संस्थानों की व्यवव्थाएं पटरी से उतर गई हैं। उधर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सेवारत चिकित्सकों के सामूहिक अवकाश को देखते हुए सभी संभागीय आयुक्तों और जिला कलक्टरों को वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दे दिए हैं। वहीं सेवारत चिकित्सकों के सामूहिक अवकाश को रेसमा के तहत अवैध करार दे दिया गया है।
Updated on:
18 Sept 2017 02:40 pm
Published on:
18 Sept 2017 01:04 pm
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