जयपुर। आंधी-तूफान, बारिश के कारण जयपुर जिले का बिजली तंत्र का फ्यूज उड़ गया। शहर के कई इलाकों में ही 14 घंटे तक बिजली गुल रही। जबकि, ग्रामीण क्षेत्र का 40 फीसदी इलाके में चौबीस घंटे बाद तक बिजली सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। परेशान लोगों के इंजीनियरों और टोल फ्री नम्बर पर फोन घनघनाते रहे, लेकिन ज्यादातर को कोई रेसपोंस नहीं मिला। ऐसे में डिस्कॉम का बेहतर बिजली प्रबंधन का दावा राजधानी में ही खोखला साबित होता रहा।
जिले में ही करोड़ों रुपए के विद्युत उपकरणों का नुकसान हुआ। सैकड़ों उपभोक्ताओं के मीटर तक पहुंच रही सर्विस लाइन बदलनी पड़ी है। जयपुर शहर में तो ज्यादातर पोल, ट्रांसफार्मर बदल दिए गए, लेकिन ग्रामीण इलाकों में कई जगह चौबीस घंटे बाद भी बिजली सप्लाई बाधित रही। डिस्कॉम की टीम की सांस फूल गई।
250 से 2100 को पार कर गई शिकायत
टोल फ्री नम्बर पर आम दिनों में शहर में 250 से 300 शिकायत दर्ज होती है, लेकिन शुक्रवार को यह आंकडा 2100 को पार कर गया। टोल फ्री नम्बर पर लोग फोन करते रहे, लेकिन हमेशा की तरह ‘आप कतार में हैं…’ रिकॉर्डेड आवाज सुनाई देती रही। अभियंताओं ने फोन रिसीव नहीं किया।
रूफटॉप सोलर पैनल उखड़े
अंधड के कारण रूपटॉप सोलर पैनल क्षतिग्रस्त हो गए। छत और खेतों में लगे सोलर पैनल उखड़ गए। तेज हवा के कारण कई जगह तो उड़कर दूसरी जगह जा गिरे। कई इलाकों में तो स्टेंड सहित पैनल नीचे आ गिरा।
बिजली की 1145 लाख यूनिट खपत घटी
मौसम में बदलाव के कारण बिजली खपत एक साथ 1145 लाख यूनिट घट गई। 23 मई को 3300 लाख यूनिट बिजली डिमांड थी, जो एक दिन पहले घटकर 2255 लाख यूनिट रह गई। इस कारण सूरतगढ़ की 2570 मेगावाट क्षमता की 7 यूनिट से उत्पादन विद्युत उत्पादन बंद कराना पड़ा है।