
कोटपूतली। कीरतपुरा की ढाणी बड़ियावाली में खुले बोरवेल में गिरी तीन वर्षीय बालिका चेतना को बोरवेल से बाहर निकालने का रेस्क्यू इस वर्ष का प्रदेश का सबसे बड़ा रेस्क्यू अभियान है।
रेस्क्यू अभियान करीब 165 घंटे बीत जाने के बाद भी अभी तक जारी है। इससे पहले गंगापुर सिटी के बामनवास में 122 घंटे का रेस्क्यू अभियान हुआ था। ऐसे में साफ है कि ये रेस्क्यू इस साल प्रदेश में सबसे बड़ा है।
प्रदेश में 2024 में बोरवेल में गिरी महिला व बालकों को बाहर निकालने के किरतपुरा सहित चार रेस्क्यू अभियान हुए हैं। इनमें किरतपुरा में बालिका की जिंदगी की जंग जारी है।
एक जिदंगी की जंग जीत गया था और दो की मौत हो गई थी। किरतपुरा में गिरी बालिका की जिंदगी की जंग जारी है। जो रेस्क्यू अभियान सफल नहीं हुए थे उनमें सफलता नहीं मिलने के पीछे तकनीकी कारण प्रमुख रहे थे।
एसडीआरएफ के सहायक कमाण्डेंट योगेश कुमार मीणा ने बताया कि गंगापुर सिटी के बामनवास में 7 फरवरी को बोरवेल में एक महिला गिर गई थी। रेस्क्यू अभियान 12 फरवरी तक चला था। इसमें महिला की मौत हो गई थी।
दौसा जिले के नांगल राजावात में रेस्क्यू अभियान 9 दिसम्बर से शुरू होकर 12 दिसम्बर तक चला था। इसमें बोरवेल में गिरे आर्यन की मौत हो गई थी।
इसके अलावा बांदीकुई में 18 सितम्बर को बोरवेल में ढाई साल की मासूम बालिका नीरू गुर्जर गिर गई थी। यह अभियान 19 सितम्बर तक चला था। इसमें दस घण्टे के रेस्क्यू अभियान में बालिका को सुरक्षित बचा लिया था।
Updated on:
30 Dec 2024 11:08 am
Published on:
30 Dec 2024 11:08 am
