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NGT का सख्त रुख, नहीं बनेंगी POP की मूर्तियां

एनजीटी का फैसला बरकरारः राजधानी के शिल्पकारों ने रखा अपना पक्ष, एनजीटी ने कहा- आदेश का कंप्लाइन्स करो या आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करो...।

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Manish Gite

Aug 19, 2015

POP statues will be destroyed

POP statues will be destroyed

भोपाल।
गणेशोत्सव और नवदुर्गा उत्सव के दौरान पीओपी की मूर्तियां अब देखने को नहीं मिलेंगी। एनजीटी के समक्ष बुधवार को अपनी बात रखने पहुंचे शहर के शिल्पकारों को कोर्ट ने स्पष्ट जवाब दे दिया है।


राजधानी में कोलकाता और राजस्थान से शिल्पकार आते हैं और भोपाल नगर निगम सीमा में माता मंदिर, सेकंडनंबर स्टाप स्थित डेरा डालते हैं। वे यहां दो माह पहले पहुंच जाते हैं गणेशोत्सव और नवदुर्गा उत्सव के लिए प्रतिमाएं बनाते हैं।


मंगलवार को एनजीटी के कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि प्लास्टर आफ पेरिस (पीओपी) और बायोडीग्रेडेबल मटेरियल से बन रही मूर्तियों को जब्त कर नष्ट किया जाएगा। एनजीटी ने इस संबंध में गृह विभाग को आदेश भी दिए हैं।


इसके बाद शहर में आए अनेक शिल्पकार बुधवार सुबह एनजीटी में अपनी बात रखी। वे अपने साथ गणेशजी की प्रतिमा भी लाए थे जो पीओपी से बनी हुई थी। उन्होंने कहा कि पीओपी से बनने वाली मूर्तियों पर रोक लगाने से हमारे परिवार का भरण पोषण पर संकट पैदा हो जाएगा।


उन्होंने कोर्ट में कहा कि यह प्रमाणित नहीं हुआ है कि पीओपी से ही प्रदूषण होता है। शिल्पकारों ने अपनी बात वकीलों के माध्यम से एनजीटी कोर्ट में प्रस्तुत की। जिस पर कोर्ट ने सुनने से साफ इंकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि हमारे आदेश का कंप्लाइन्स करो या हमारे आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करो।


यह है गाइडलाइन

मूर्ति बनाने वाले सभी शिल्पकारोंको आगाह करें कि भविष्य में पीओपी, सिंथेटिक की मूर्ति न बनाएं और न ही बेचें। निश्चित ऊंचाई की इको-फ्रेंडली मूर्तियों का निर्माण करें। मूर्तियों पर सिर्फ प्राकृतिक रंगों का ही इस्तेमाल करें। मूर्ति के विसर्जन के लिए अलग से विसर्जन कुंड बनाए जाएं। शासन इस संबंध में जागरूकता अभियान भी चलाएं..।