मूर्ति बनाने वाले सभी शिल्पकारोंको आगाह करें कि भविष्य में पीओपी, सिंथेटिक की मूर्ति न बनाएं और न ही बेचें। निश्चित ऊंचाई की इको-फ्रेंडली मूर्तियों का निर्माण करें। मूर्तियों पर सिर्फ प्राकृतिक रंगों का ही इस्तेमाल करें। मूर्ति के विसर्जन के लिए अलग से विसर्जन कुंड बनाए जाएं। शासन इस संबंध में जागरूकता अभियान भी चलाएं..।