राजपूत समाज से जुड़े संगठनों ने तो मोर्चा खोल ही रखा है, अब ब्राह्मण समाज भी उनके समर्थन में उतर आया है।
जयपुर।
जाने-माने निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की बिग बजट फिल्म पद्मावती की रिलीज़ की तारीख जैसे-जैसे नज़दीक आती जा रही है वैसे-वैसे बवाल की आशंका भी बढ़ने लगी है। फिल्म का विरोध जताने को लेकर राजपूत समाज से जुड़े संगठनों ने तो मोर्चा खोल ही रखा है, अब ब्राह्मण समाज भी उनके समर्थन में उतर आया है। ब्राह्मणों के प्रमुख संगठन सर्व ब्राह्मण महासभा ने सरकार से जनभावनाओं को देखते हुए फिल्म के प्रदर्शन में रोक लगाने की पुरज़ोर मांग की है।
सर्व ब्राह्यण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा ने कहा है कि संजय लीला भंसाली द्वारा फिल्म पद्मावती में ऐतिहासिक तथ्यों से जो छेडछाड किये जाने के संकेत मिल रहे हैं वो सही नहीं है। इस तरह की हरकत को किसी भी सूरत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महारानी पद्मावती भारत की आन-ंबान-ंशान रहीं हैं जिन्होंने 16 हज़ार महिलाओं के साथ जौहर करके एक बलिदानी का विशेष उदाहरण प्रस्तुत किया। ऐसी महारानी के त्याग को दरकिनार कर फिल्म निर्माता संजय भंसाली उनकी छवी को धुमिल कर रहे हैं, जो कि सरासर गलत है।
मिश्रा ने कहा कि भंसाली को यह समझ लेना चाहिए कि इस देश में विरासत से छेडछाड बर्दाश्त नहीं होगी। मिश्रा ने गृहमंत्री के उस बयान की भी निन्दा की जिसमें उन्होंने फिल्म को प्रदर्शित होने से नहीं रोकने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि सरकार का जिम्मा बनता है कि जनभावनाओं के अनुरूप इस फिल्म को रोका जाए अन्यथा सर्व ब्राह्यण महासभा भी इस फिल्म का विरोध करेगी।
... उधर उज्जैन में सांसद ने दर्ज़ करवाया विरोध
फिल्म को हो रहे बवाल के बीच उज्जैन में सांसद डॉ. चिंतामणि मालवीय ने कहा कि मैं फिल्म पद्मावती का पुरजोर विरोध और बहिष्कार करता हूं। मेरे शुभचिंतकों से अनुरोध करता हूं कि इस फिल्म को बिल्कुल न देखें। उन्होंने कहा फिल्म पद्मावती में दिखाए गए दृश्य और कहानी में रोचकता लाने के लिए इतिहास से छेड़छाड़ की गई है।
उन्होंने कहा कि फिल्म बनाकर चन्द पैसों के लालच के लिए इतिहास से छेड़छाड़ करना शर्मनाक और घृणित कार्य है। हर भारतीय नारी की आदर्श रानी पद्मावती जी पर भारतीयों को गर्व है। रानी पद्मावती ने अपने सतीत्व और देश-समाज की आन-बान-शान के लिए हजारों नारियों के साथ स्वयं को आग में झोंक दिया था। उसे तोड़-मरोड़ कर दिखाना वास्तव में इस देश का अपमान है।
सांसद ने भड़कते हुए यहां तक कह डाला कि भंसाली जैसे लोगों को कोई और भाषा समझ नहीं आती, इन जैसे लोगों को सिर्फ जूते की भाषा ही समझ आती है। यह देश रानी पद्मावती का अपमान नहीं सहेगा। हम गौरवशाली इतिहास के साथ छेडख़ानी भी बर्दाश्त नहीं कर सकते।