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चौथी स्टेज में भी ब्रेस्ट कैंसर सर्जरी से बच सकेगी जान

  Breast Cancer : जयपुर . ब्रेस्ट कैंसर की चौथी स्टेज में भी अब Surgery हो पाएगी। New Drugs और थेरेपी से अब यह संभव हो गया है कि लास्ट स्टेज में भी ब्रेस्ट Cancer के मरीज को बचाया जा सकेगा। वहीं ब्रेस्ट कैंसर बढक़र कांख तक पहुंच जाए तो New Technology से सर्जरी कर उसे ठीक किया जा सकता है।

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Breast Cancer : जयपुर . ब्रेस्ट कैंसर की चौथी स्टेज में भी अब सर्जरी ( Surgery ) हो पाएगी। नई दवाओं ( New Drugs ) और थेरेपी से अब यह संभव हो गया है कि लास्ट स्टेज में भी ब्रेस्ट कैंसर ( Cancer ) के मरीज को बचाया जा सकेगा। वहीं ब्रेस्ट कैंसर बढक़र कांख तक पहुंच जाए तो नई तकनीक ( New Technology ) से सर्जरी कर उसे ठीक किया जा सकता है।

शहर में तीन दिन चली इंटरनेशनल ब्रेस्ट कैंसर कॉन्फ्रेंस में इस खतरनाक बीमारी से बचाने के लिए दुनियाभर में अपनाई जा रहीं अत्याधुनिक इलाज तकनीकों पर मंथन हुआ। कॉन्फ्रेंस के आयोजन सचिव डॉ. उत्तम सोनी ने बताया कि कैंसर से ब्रेस्ट को बचाने से लेकर खराब हुए भाग का रिकंस्ट्रक्शन करने, कीमोथेरेपी के दर्द कम करने, प्रारंभ की स्थिति में ही जांच से बचाव करने आदि पर जानकारी दी गई। अंतिम दिन शनिवार को देश-विदेश से आए डॉक्टरों ने सवाल-जवाब कर इस बीमारी के बारे में जानकारी साझा की।

अब स्टेज-4 में संभव है ब्रेस्ट सर्जरी -

इंग्लैंड के डॉ. आशुतोष कोठारी ने बताया कि अब तक ब्रेस्ट कैंसर की चौथी स्टेज होने पर मरीज का उपचार नहीं हो पाता था। अब इस स्थिति में भी मरीज को विशेष कीमोथेरेपी और हार्मोनल थेरेपी के साथ विशेष सर्जरी से मरीज को बचाया जा सकता है। इसमें पहले हार्मोनल थेरेपी देकर कैंसर बढ़ा रहे हार्मोन्स का काम करना बंद किया जाता है और कैंसर में हो रही बढ़ोत्तरी को रोक दिया जाता है। इसके बाद मरीज की सर्जरी की जाती है।

साझा की नई दवाओं और तकनीकों की जानकारी -

कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में आईं नई एंटी एस्ट्रोजनिक दवाओं और जांच तकनीकों के बारे में जानकारी साझा की। कैंसर से पहले की अवस्था डीसीआईएस को समय से पहचानने और उनके इलाज के बारे में बताया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने अपने जटिल केसों के अनुभव भी साझा किये। कॉन्फ्रेंस में इंग्लैंड के टिबोर कोवैक्स, बेल्जिम के डॉ. फिलिप पोर्टमैन, यूके की डॉ. लिंडा वाइल्ड, डॉ. फियोनो मैक्नील, पुणे के डॉ. सीबी कोप्पिकर सहित अन्य विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्रों में नई जानकारियां दीं।