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Tiger Safari: खुशखबर, बहुत ही जल्द अब जयपुर की टाइगर सफारी में दिखेंगे व्हाइट टाइगर भीम और गोल्डन बाघिन स्कंधी

Wildlife Tourism in Rajasthan: नाहरगढ़ जैविक उद्यान में पर्यटकों का उमड़ा सैलाब, सफारी बनी आकर्षण का केंद्र। अब सफारी एरिया में अठखेलियां करेंगे भीम और स्कंधी, वन्यजीव प्रेमियों के लिए खास मौका।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Apr 05, 2026

White Tiger Bhim in Jaiput Tiger Safari: जयपुर। राजधानी के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में वन्यजीव प्रेमियों के लिए इस सप्ताह एक खास आकर्षण जुड़ने जा रहा है। सफेद बाघ ‘भीम’ और गोल्डन बाघिन ‘स्कंधी’ को टाइगर सफारी क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया गया है और अब इन्हें जल्द ही पर्यटकों के दीदार के लिए खुले सफारी क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। अब तक ये दोनों दुर्लभ प्रजाति के बाघ जैविक उद्यान के भीतर ही अपनी अठखेलियों से लोगों को आकर्षित करते थे, लेकिन अब इनके टाइगर सफारी में आने से रोमांच कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।

रविवार को नाहरगढ़ जैविक उद्यान में पर्यटकों का भारी उत्साह देखने को मिला। कुल 1516 सैलानियों ने पार्क का भ्रमण कर वन्यजीवों को करीब से देखा। वहीं, 151-151 पर्यटकों ने लायन सफारी और टाइगर सफारी का रोमांचक अनुभव लिया। शेरों की शाही चाल और बाघों की गर्जना ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

नाहरगढ़ जैविक उद्यान में संचालित टाइगर और लायन सफारी इन दिनों जयपुरवासियों के साथ-साथ बाहरी पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। प्राकृतिक हरियाली के बीच वन्यजीवों को खुले माहौल में देखने का अनुभव लोगों को खासा लुभा रहा है। अब जब सफेद बाघ भीम और गोल्डन टाइग्रेस स्कंधी सफारी में नजर आएंगे, तो पर्यटकों को और भी दुर्लभ व रोमांचकारी अनुभव मिलने वाला है।

उप वन संरक्षक विजयपाल सिंह के निर्देशन में उद्यान में पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एसीएफ देवेंद्र सिंह राठौड़ और रेंजर शुभम शर्मा ने रविवार को सफारी क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। टूरिज्म मैनेजमेंट टीम द्वारा टिकटिंग, वाहन व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और साफ-सफाई को लेकर प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया गया।

वन विभाग की सतत निगरानी और बेहतर प्रबंधन के चलते नाहरगढ़ जैविक उद्यान आज प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में अपनी खास पहचान बना चुका है। यह स्थान न केवल मनोरंजन का केंद्र है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।