
सूर्य के करीब पहुंचने के बाद बचेगा तो दिखेगा नया धूमकेतु
वॉशिंगटन. अंतरिक्ष में एक नया धूमकेतु खोजा गया है, जो पृथ्वी से अगले साल आसमान में तारे की तरह दिखाई दे सकता है। माइनर प्लैनेट सेंटर के मुताबिक, धूमकेतु का नाम सी/2023 ए-3 रखा गया है। इसे दक्षिण अफ्रीका में एस्टेरॉयड टेरेस्ट्रियल-इम्पैक्ट लास्ट अलर्ट सिस्टम टेलीस्कोप से देखा गया। फिलहाल यह शनि और बृहस्पति ग्रह के बीच है। यह 2,90,664 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सौरमंडल में यात्रा कर रहा है।
खगोलविदों का अनुमान है कि यह धूमकेतु हर 80,660 साल में एक बार सूर्य की परिक्रमा करता है। अर्थस्काई के मुताबिक, 28 सितंबर, 2024 को यह सूर्य के सबसे करीब पहुंचेगा। हालांकि यह तभी संभव है, जब धूमकेतु एक ही पीस में हो। धूमकेतु बर्फ और धूल की चट्टान होते हैं। सूर्य के करीब से गुजरने के दौरान ये टूटने लगते हैं। धूमकेतु के 2024 में पृथ्वी के करीब से गुजरने की संभावना है। यह फरवरी 2023 में धरती के करीब से गुजरे हरे धूमकेतु से ज्यादा चमकीला होगा। हरा धूमकेतु करीब 50 हजार साल बाद नजर आया था। कुछ धूमकेतु की कक्षाएं अपेक्षाकृत छोटी होती हैं, जबकि अन्य इतने लंबे होते हैं कि उन्हें सूर्य के चारों ओर एक चक्कर पूरा करने में हजारों साल लग जाते हैं। इन्हें दीर्घकालिक धूमकेतु कहा जाता है।
सबसे चमकीले सितारे की तरह दिखेगा
अगर धूमकेतु सिंगल पीस में बचा रह जाता है तो पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरने के दौरान यह सितंबर या अक्टूबर 2024 में दूरबीन से दिखाई दे सकता है। हालांकि पूर्वी क्षितिज पर होने के कारण दुनिया के कई हिस्सों में इसे नहीं देखा जा सकेगा। जब यह अंतरिक्ष की लंबी यात्रा के लिए सौरमंडल से बाहर निकलेगा, तब नजर आ सकता है। धरती के करीब से गुजरने पर यह आसमान में सबसे चमकीले सितारे की तरह दिखेगा।
आकार समेत अन्य डेटा अज्ञात
सी/2023 ए-3 के बारे में बहुत-सी जानकारियां अज्ञात हैं। इसमें धूमकेतु का आकार शामिल है। डेटा की कमी के कारण खगोलविदों में यह बहस चल रही है कि यह सूर्य के करीब पहुंचने के बाद बचेगा या नहीं। पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ता किचेंग झांग का कहना कि यह दिखने वाला सबसे अच्छा धूमकेतु हो सकता है, बशर्ते टूटने से बच जाए।
Published on:
05 Mar 2023 10:26 pm
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