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राजस्थान में उप चुनाव का रण—भाजपा—कांग्रेस के साथ रालोपा भी मैदान में

'आप' में अभी चुनाव लडने को लेकर कोई निर्णय नहींतीसरा मोर्चा के तीन प्रमुख दलों की उपचुनाव से पहले इनसाइड स्टोरीबसपा अध्यक्ष बोले—सुप्रीम कोर्ट का फैसला कुछ भी आए—हमारी कोशिश होगी बसपा से कांग्रेस में गए छह विधायकों को अब कभी पार्टी में नहीं लिया जाए
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MP Hanuman Beniwal

MP Hanuman Beniwal


जयपुर।
प्रदेश में उदयपुर की वल्लभ नगर व प्रतापगढ धरियावाद उप चुनाव से पहले तीसरे मोर्चे के प्रमुख दल बहुजन समाज पार्टी की की ओर से बडी खबर सामने आई है। पार्टी ने इन दोनो उपचुनाव के रण से अपने कदम पीछे हटा लिए है। दोनों ही जगह पार्टी अपने प्रत्याशी नहीं उतारेगी। वहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने दोनोें उप चुनाव में सत्तारूढ कांग्र्ेस और भाजपा के सामने ताल ठोकने की तैयारी कर ली है।

बसपा प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने पत्रिका से कहा कि बसपा वल्लभ नगर और धरियावाद सीट पर हो रहे उप चुनाव में अपनी भागीदारी नहीं रखेगी। पार्टी आगामी विधान सभा चुनाव की तैयारियां कर रही है और जिला से लेकर पंचायत स्तर तक संगठन की मजबूती पर फोकस किया जा रहा है। पार्टी आगामी विधान सभा चुनाव पर ज्यादा फोकस करके चल रही है।
बसपा के बाद तीसरे मोर्चे के प्रमुख दल राष्ट्रीय लोकतांत्रितक पार्टी के संयोजक व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा है कि पार्टी ने हाल ही में हुए पंचायत,जिला प्रमुख व जिला परिषद के चुनाव में अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। पार्टी कार्याकताओं में जोश है इसी जोश के साथ वल्लभ नगर और धरियावाद सीट पर पूरी तैयारी के साथ प्रत्याशी उतारेंगे और चुनाव लडेंगे।

दिल्ली और पंजाब के बाद आगामी विधान सभा चुनाव के लिहाज से आम आदमी पार्टी राजस्थान पर निगाहें लगा कर बैठी है। हाल ही में पार्टी के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दस दिन तक जयपुर में विपश्यना केन्द्र में रहे। जिससे कई तरह की सियासी चर्चाओं को बल मिला। लेकिन पार्टी इन दो सीटों पर उप चुनाव को लेकर ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आ रही है। पार्टी के राज्य सह प्रभारी खेमचंद जागीरदार ने पत्रिका को बताया की राजस्थान में दो सीटों पर होने वाले उप चुनाव को लेकर शीर्ष स्तर पर निर्णय होना है। फिलहाल इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा।

बसपा से कांग्रेस में गए छह विधायकों की सदस्यता को लेकर बसपा प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने कहा कि सदस्यता का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। फैसले से पहले कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन हमारी कोशिश होगी कि जिन छह विधायकों ने जनता मतदाताओं के साथ विश्वासघात किया और पार्टी का अस्तित्व खत्म किया उनको किसी भी सूरत में पार्टी में शामिल नहीं किया जाए। चाहे ये कितने भी प्रभावशाली हों। बसपा सुप्रीमो मायावती से इस संबध में पूरी मजबूती से साथ वार्ता की जाएगी।