8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

आकाश आनंद ने संभाली बसपा की कमान, राजस्थान में लगाएंगे पार्टी का बेड़ा पार

बहुजन समाज पार्टी एक बार फिर राजस्थान में सक्रिय होने जा रही है। इस बार पार्टी सुप्रीमो मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने राजस्थान की कमान संभाली है। पार्टी इस बार चुनाव में फूंक-फूंककर कदम रखेगी।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Umesh Sharma

Jun 08, 2023

आकाश आनंद ने संभाली राजस्थान विधानसभा चुनाव में बसपा की कमान, ये बनाया है प्लान

आकाश आनंद ने संभाली राजस्थान विधानसभा चुनाव में बसपा की कमान, ये बनाया है प्लान

जयपुर। बहुजन समाज पार्टी एक बार फिर राजस्थान में सक्रिय होने जा रही है। इस बार पार्टी सुप्रीमो मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने राजस्थान की कमान संभाली है। पार्टी इस बार चुनाव में फूंक—फूंककर कदम रखेगी। टिकट उसे ही दिया जाएगा जो वफादार होगा। ताकि चुनाव जीतने के बाद वो दूसरी पार्टी में शामिल नहीं हो।

दरअसल बसपा को राजस्थान में दो बार धोखा मिल चुका है। 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के 6 विधायक जीतकर आए थे। पार्टी को भरतपुर और अलवर में 2 और झुंझुनूं व करौली जिले में 1-1 सीटपर जीत मिली थी, लेकिन सभी विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए और अशोक गहलोत का समर्थन दे दिया। इससे पहले भी 2009 में बसपा के छह विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए थे। दोनों बार बसपा विधायकों के दम पर ही सरकार बनी। यही वजह है कि इस बार पार्टी कोई रिस्क नहीं लेगी और चुनाव से पांच महीने पहले ही बसपा राज्य में सक्रिय हो गई है। आपको बता दें कि आकाश आनंक मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे है। वे इस समय पार्टी में नंबर दो की पॉजिशन है।

तीसरा मोर्चा हो रहा है सक्रिय

राजस्थान में तीसरा मोर्चा सक्रिय हो रहा है। आम आदमी पार्टी भी प्रदेश में पूरा दमखम लगा रही है, वहीं हनुमान बेनीवाल की रालोपा भी राजस्थान में सक्रिय नजर आ रही है। यही वजह है कि दो बार 6-6 विधानसभा सीट जीत चुकी बसपा इस बार भी पूरे दमखम के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। पार्टी अब तक भरतपुर, अलवर, करौली, झुंझुनूं में अपनी जीत दर्ज कर चुकी है। इस बार भी पार्टी को कई सीटों पर जीत की उम्मीद है।


यह भी पढ़ें:-11 तारीख पर टिकीं भाजपा-कांग्रेस की निगाहें, क्या राजस्थान की सियासत में आएगा उबाल

पाला नहीं बदले, ऐसे नेताओं पर नजर

बसपा का राजस्थान में प्रदर्शन अच्छा रहा है। मगर हर बार जीतकर आए विधायकों के पाला बदल लेने की परंपरा को इस बार पार्टी तोड़ना चाहती है। यही वजह है कि जिताऊ और टिकाऊ उम्मीदवारों पर पार्टी इस बार दाव खेलेगी। 2018 में झुंझुनूं के उदयपुरवाटी से राजेंद्र गुढ़ा, भरतपुर के नगर से वाजिब अली, भरतपुर के नदबई से जोगिंद्र अवाना, अलवर के तिजारा से संदीप यादव, अलवर के किशनगढ़ बास से दीपचंद खेरिया और करौली से लाखन सिंह विधायक बने थे, जो सभी कांग्रेस में शामिल हो गए।