दुःख है
बुद्ध के अनुसार पहला आर्यसत्य है कि 'संसार में दुःख है।' महात्मा बुद्ध ने मनुष्यों को पहला आर्यसत्य यही दिया था। इस आर्यसत्य के माध्यम से महात्मा बुद्ध ने बताया कि इस संसार में कोई भी ऐसा मनुष्य या जीव नहीं है, जिसे किसी प्रकार का दुख ना हो। इसलिए हमेशा दुख में भी सुखी रहना चाहिए।