
Buddha Purnima 2021 Vaishakh Purnima 2021 Lunar Eclipse 2021
जयपुर. सनातन धर्म में पूर्णिमा (Purnima) तिथि का विशेष महत्व है. पूर्णिमा पर भगवान शिव और चंद्र देव की पूजा की जाती है. संपत्तिवान बनने के लिए इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की भी विशेष रूप से पूजा की जाती है. इस बार 26 मई को है पूर्णिमा है. वैशाख माह की पूर्णिमा होने से इसे वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है.
मान्यता है कि वैशाख माह की पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था. यही कारण है कि वैशाख पूर्णिमा (Vaishakh Purnima) को बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) भी कहा जाता है. भगवान बुद्ध को विष्णुजी का अवतार माना जाता है. इसलिए बुद्ध पूर्णिमा भगवान बुद्ध के अनुयायियों के साथ ही सनातनधर्मियों के लिए भी अहम दिन है.
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि वैशाख माह की पूर्णिमा को विशेष फलदायी माना गया है. इस दिन व्रत रखकर शिवजी, चंद्रदेव, माता लक्ष्मी और विष्णुजी की पूजा शुभ और त्वरित फलदायी होती है. खास बात यह है कि इस बार वैशाख पूर्णिमा पर साल का पहला चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) भी लग रहा है, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ गया है.
वैशाख पूर्णिमा पर सुबह उठकर सूर्यदेव को जल अर्पित करें और व्रत रखने व शिव पूजा का संकल्प लें. सबसे पहले भगवान विष्णु की पूजा करें, उनका हल्दी से अभिषेक करें व तुलसी अर्पित करें. शिवलिंग पर जल अर्पित करें. रात को माता लक्ष्मी की पूजा करें, उनकी आरती करें. रात को चंद्र देव को जल अर्पित करें और व्रत का पारण करें.
Published on:
24 May 2021 07:05 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
