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पीएसी की भी नहीं सुन रहे अधिकारी

— वित्त विभाग ने पीएसी के निर्देश पर सभी विभागों को दिए आदेश
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जयपुर। नौकरशाही के समय पर सूचना नहीं देने से विधानसभा की जनलेखा समिति भी परेशान है। समिति ने उसकी सिफारिशों पर समय पर सूचना नहीं मिलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए लापरवाह अधिकारियों को सीसीए नियमों के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इन नियमों में बर्खास्तगी तक के प्रावधान शामिल हैं।
वित्त विभाग ने सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व सचिव स्तर के अधिकारियों से जनलेखा समिति के सीसीए नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देशों की पालना सुनिश्चित कराने को कहा है। नियमानुसार जनलेखा समिति की सिफारिश पर रिपोर्ट सदन में पेश होने के 6 माह में पालना किया जाना आवश्यक है। विशेष परिस्थिति में समिति से समय बढ़ाने का आग्रह भी किया जा सकता है। इसके बाद जो भी समयसीमा तय हो, उसमें पालना आवश्यक है। वित्त विभाग ने सभी विभागों से कहा है कि समिति की सिफारिशों की पालना के बारे में समय पर सूचना नहीं भेजने वालों पर सीसीए नियमों के नियम 16 व 17 के तहत तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। दरअसल, जनलेखा समिति नियंत्रक महालेखापरीक्षक(सीएजी) के आॅडिट पैरा का परीक्षण कर कार्रवाई की सिफारिश करता है और उसकी रिपोर्ट विधानसभा में पेश की जाती है। इस रिपोर्ट पर पालना किया जाना आवश्यक है।
समिति ने जताई थी नाराजगी
पीएसी ने 18 अगस्त की बैठक में अपनी सिफारिशों के क्रियान्वयन की सूचना समय पर नहीं मिलने पर नाराजगी जताई थी। वित्त विभाग ने इसी के आधार पर कार्रवाई का आदेश जारी किया है।